सुप्रीम कोर्ट शिवसेना पार्टी सिंबल विवाद मामले में दायर याचिका पर 12 नवंबर को सुनवाई करेगा. मामले की सुनवाई के दौरान उद्धव ठाकरे गुट की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट से कहा कि जनवरी में स्थानीय निकाय चुनाव होना है, लिहाजा दायर याचिका पर जल्द सुनवाई कर ली जाए.
मामले को सूचीबद्ध करने का मिला निर्देश
जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन के सिंह की पीठ ने 12 नवंबर के लिए मामले को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है. उद्धव ठाकरे गुट ने चुनाव आयोग के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. सिब्बल ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट के 2023 के संविधान निर्णय पर भरोसा कर रहे हैं, जिसमें कहा गया था कि विधायी बहुमत को यह तय करने के लिए मानदंड के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता कि कौन-सा गुट असली पार्टी है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने केवल विधायी बहुमत का परीक्षण के आधार पर निर्णय लिया.
एकनाथ शिंदे को दिया गया चुनाव चिन्ह
बता दें कि 2022 में शिवसेना के दो फाड़ हो गया था. शिवसेना में फूट पड़ने के बाद चुनाव आयोग ने शिवसेना और धनुष-बाण का चुनाव चिन्ह एकनाथ शिंदे को दे दिया था. दायर याचिका में ठाकरे ने दलील दी कि चुनाव आयोग इस बात को समझने में विफल रहा है कि याचिकाकर्ता को पार्टी के कार्यकर्ताओं और कार्यकर्ताओं से भारी समर्थन हासिल है.
इसके अलावा याचिका में यह भी कहा है कि चुनाव आयोग के पैरा 15 के तहत विवादों के तटस्थ मध्यस्थ के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में विफल रहा है और उसने अपनी संवैधानिक स्थिति को कमजोर करने का काम किया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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