Keir Starmer India Visit: “ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले, ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है”. अल्लामा इकबाल का यह शेर आज के भारत पर एकदम फिट बैठता है. एक वो दौर था जब ब्रिटिश हुकूमत भारत को लूटकर अपने देश की तिजोरी भरी थी. भारतीयों को गुलाम बनाकर उन्हें दुनिया के विभिन्न देशों में भेजकर मजदूरी कराई, लेकिन आज वहीं ब्रिटेन भारत के दर पर आकर अपने देश में निवेश लेकर जा रहा है.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर 126 लोगों के डेलीगेशन के साथ भारत की यात्रा पर हैं. इस दौरान उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कई समझौते किये. जिसमें भारतीय कंपनियों के द्वारा ब्रिटेन में निवेश भी शामिल है. भारत की 64 कंपनियों ने ब्रिटेन में 1 बिलियन पाउंड यानी 11 हजार 877 करोड़ रुपये निवेश करने की घोषणा की है. जिससे ब्रिटेन में 7 हजार नौकरियां प्रत्यक्ष रूप से पैदा होंगी.
India-UK friendship is on the move and is filled with great vigour!
A picture from earlier today, when my friend PM Starmer and I began our journey to attend the Global Fintech Fest.@Keir_Starmer pic.twitter.com/3FyVFo69Rp
— Narendra Modi (@narendramodi) October 9, 2025
‘आजाद हो गए भी तो देश नहीं चला पाएंगे’
यह समझौता बदलते भारत की तस्वीर की गवाही दे रही हैं. एक जमाने में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री रहे विंस्टन चर्चिल ने कहा था कि ‘आजाद हो भी गए तो भारतीय नहीं चला सकेंगे देश’. मगर समय का चक्र देखिये कि वहीं ब्रिटेन भारत से निवेश लेकर खुश हो रहा है.
ट्रंप को करारा जवाब है भारत-ब्रिटेन की डील
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ महीने पहले भारत को डेड इकोनॉमी कहा था. जिसका जवाब भारत-ब्रिटेन समझौता है. जहां ब्रिटेन के इकोनॉमी इंजन को चलाने के लिये भारतीय निवेश की सख्त जरूरत है. भारत का जीडीपी ग्रोथ रेट दुनिया में सबसे ज्यादा है. अप्रैल से जून की तिमाही में भारत का ग्रोथ 7.8 फीसदी रहा. भारत के ग्रोथ के सामने अमेरिका से लेकर यूरोप तक कोई आसपास भी नहीं है. ब्रिटेन की हालत तो और खराब है, उसका जीडीपी ग्रोथ रेट इस समय 0.3 फीसदी पहुंच गया है.
126 लोगों का डेलीगेशन आया है भारत
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर अपने साथ 126 लोगों का डेलीगेशन लेकर भारत आए हुए हैं. जहां पीएम मोदी से इस डेलीगेशन ने मुलाकात की. ब्रिटेन के पीएम ने अपने भारत दौरे को इस साल का सबसे बड़ा ट्रेड मिशन बताया है. उन्होंने कहा है कि भारत दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ती अर्थव्यवस्था है. भारत, ब्रिटेन के साथ व्यापार को और बढ़ाकर ब्रिटिश अर्थव्यवस्था को सहारा दे सकता है.
ये भी पढ़ें- UK के PM का मुंबई दौरा: कीर स्टार्मर ने भारत की विकास यात्रा को सराहा, व्यापार-सुरक्षा और साझेदारी पर दिया जोर
ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था कर रही खराब प्रदर्शन
ब्रिटिश अर्थव्यवस्था पिछले काफी समय से खराब प्रदर्शन कर रही है. EU से अलग होने के बाद से ब्रिटेन की हालत और खराब हो गई है. आने वाले दिनों में ब्रिटेन में बजट पेश होना है. उससे पहले ब्रिटिश पीएम स्टार्मर अपने लोगों को यह भरोसा दिलाना चाहते हैं कि वो ब्रिटिश अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए भारत जैसी बड़ी अर्थव्यवस्था के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट डील के साथ ही कई निवेश भी लाए हैं.
कीएर स्टार्मर के साथ ब्रिटेन के बड़े-बड़े उद्योगपति और विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलर भी भारत आए हैं. उनका कहना है कि इस वक्त भारत Opportunities की खदान है. वहीं ब्रिटेन के 9 बड़े विश्वविद्यालय भारत में अपना कैंपस खोलेंगे.
भारत-ब्रिटेन के बीच क्या हुई डील?
भारत और ब्रिटेन के बीच कई डील हुई है. जिसमें रक्षा समझौता भी शामिल है. ब्रिटेन भारत को Martlets नाम की मिसाइल देगा. जिसकी खासियत है इसका वजन. यह मिसाइल मात्र 13 किलोग्राम वजन की है और इसकी मारक क्षमता 6 किलोमीटर से ज्यादा है. इस डील की लागत 4 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा है. इसके अलावा भी अन्य समझौते हुए हैं.
भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

