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Aaj Ka Panchang: सूर्य-कन्या, चंद्र-मिथुन के साथ संतुलित और फलदायी दिन, जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त और दिशा शूल

आज सूर्य कन्या राशि में और चंद्रमा मिथुन राशि में स्थित रहे, जिससे ऊर्जा और भावनाओं का अच्छा तालमेल बना. यह दिन आत्मविश्वास और भावनात्मक शांति दोनों प्रदान करने वाला रहा.

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Aaj Ka Panchang 12 October 2025: रविवार, 12 अक्टूबर 2025 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से संतुलित ऊर्जा वाला रहा. आज के ग्रह-नक्षत्रों की चाल ने दिन को न तो पूर्णतः शुभ बनाया, न ही पूरी तरह अशुभ. जहां सूर्य अपनी धीमी पड़ती किरणों के साथ कन्या राशि में स्थित था, वहीं चंद्रमा मिथुन राशि में भ्रमण कर रहा था.

इस संयोजन ने दिन भर के वातावरण में एक तरफ स्थिरता और व्यवहारिकता दी, तो दूसरी ओर भावनाओं और संवाद की ऊर्जा को भी बढ़ाया. कुल मिलाकर, आज का दिन आत्मनिरीक्षण, योजना बनाने और संबंधों को सुदृढ़ करने के लिए उपयुक्त कहा जा सकता है.

सूर्य और चंद्रमा से जुड़ी बातें

सूर्य इस समय कन्या राशि में स्थित था और दक्षिणायन की अवस्था में था. इसका अर्थ है कि सूर्य की ऊर्जा धीरे-धीरे मंद पड़ रही थी. वहीं चंद्रमा मिथुन राशि में भ्रमण कर रहा था, जिससे भावनात्मकता और संचार-शक्ति दोनों में वृद्धि होती है. सूर्य और चंद्रमा का यह संतुलन दिन को मध्यम फलदायी बना रहा था.

शुभ मुहूर्त

इस दिन का प्रमुख अभिजीत मुहूर्त ११:५१ से १२:३७ बजे दोपहर तक रहा. इस अवधि को अत्यंत शुभ माना जाता है, और इसमें किया गया कार्य शीघ्र फल देने वाला होता है. इसके अतिरिक्त, सुबह के प्रथम प्रहर और संध्या के समय भी कुछ स्थानीय शुभ समय रहे, जो स्थानानुसार भिन्न हो सकते हैं.

अशुभ मुहूर्त

कुछ समय ऐसे भी थे जिन्हें अशुभ या वर्जित माना गया.

गुलिक काल दोपहर ३:०४ से ४:२८ बजे तक रहा,

यमगण्ड काल १२:१४ से १:३९ बजे तक,

और राहु काल ४:२८ से ५:५३ बजे तक रहा.

इन कालों में नए कार्य आरंभ करना या यात्रा करना टालना उचित माना गया.

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दिशा शूल

रविवार को सामान्यतः पश्चिम दिशा में यात्रा करना अशुभ माना जाता है. यदि किसी कारण से उस दिशा में जाना आवश्यक हो, तो यात्रा से पूर्व गुड़ या जल का सेवन शुभ फलदायी माना जाता है.

सूर्यबल और चंद्रबल

सूर्यबल सुबह से दोपहर तक प्रबल रहा, जिससे कार्यों में आत्मविश्वास और ऊर्जा बनी रही. दोपहर के बाद सूर्यबल धीरे-धीरे कम हुआ. चंद्रबल रात्रि में बढ़ा, जिससे मानसिक शांति और भावनात्मक स्थिरता का अनुभव हुआ.

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-भारत एक्सप्रेस



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