Tribute to Babu Genda Singh: महान स्वतंत्रता सेनानी और पूर्व मंत्री बाबू गेंदा सिंह की पुण्यतिथि पर शनिवार को कसया स्थित एक रिसॉर्ट में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. यह सभा उनके जीवन और योगदान को याद करने का माध्यम बनी, जहां वक्ताओं ने उनकी दूरदर्शिता और सेवा भाव को रेखांकित किया. कार्यक्रम की शुरुआत भारत एक्सप्रेस के चेयरमैन एंड मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) एवं एडिटर-इन-चीफ उपेंद्र राय द्वारा बाबू गेंदा सिंह के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुई.
इस श्रद्धांजलि सभा में मुख्य अतिथि भारत एक्सप्रेस के चेयरमैन एंड मैनेजिंग डायरेक्टर उपेंद्र राय ही थे. उनकी मौजूदगी में आयोजकों ने राष्ट्रगान गाकर और बाबू गेंदा सिंह के जीवन पर आधारित तस्वीर सजाकर इस श्रद्धांजलि सभा को भावपूर्ण बनाया. इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और नेता एकजुट हुए, जो क्षेत्र की सामाजिक एकता को मजबूत करने वाला साबित हुआ.
चीफ गेस्ट उपेंद्र राय का भावुक संबोधन
श्रद्धांजलि सभा में मुख्य अतिथि भारत एक्सप्रेस के चेयरमैन एंड मैनेजिंग डायरेक्टर उपेंद्र राय ने सभा को संबोधित करते हुए कहा,
“कोई महापुरुष पैदा होता है तो समय से पहले पैदा होता है और समय से आगे को देखता है. ऐसे ही व्यक्तित्व थे- बाबू गेंदा सिंह. 1952 में विधायक बने. इसके बाद सांसद और मंत्री बने. वह एक छायादार पेड़ थे, जिंदा थे तो लोगों की सेवा करते रहे, और जाने के बाद भी लोगों को प्रेरणा दे रहे हैं. याद हम याद उसी को करते हैं, जो रह-रहकर याद आते हैं. बाबू गेंदा सिंह उन्हीं में से एक थे. इसलिए उनके कामों को हम याद करते हैं.”
CMD उपेंद्र राय ने बाबू गेंदा सिंह के योगदानों पर प्रकाश डाला, जैसे सेवरही में गन्ना अनुसंधान केंद्र, बकरी फार्म, रेशम फार्म, सब्जी व मसाला फार्म, एपी तटबंध और नहर की स्थापना. उन्होंने कहा कि बाबू गेंदा सिंह किसानों के मसीहा थे, जिनकी सोच पूर्वांचल के हर किसान को खुशहाल बनाने की थी.
कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं ने क्या कहा?
श्रद्धांजलि सभा में विशिष्ट अतिथि पडरौना विधायक मनीष जायसवाल ने कहा कि बाबू गेंदा सिंह ने नहर और अनुसंधान केंद्र स्थापित कर किसानों की खुशहाली का मार्ग प्रशस्त किया. नगरपालिका कुशीनगर के अध्यक्ष प्रतिनिधि राकेश जायसवाल ने बताया कि वे उत्तर भारत के किसानों की आवाज थे. उन्होंने संसद में किसानों के मुद्दे उठाए, जिससे उन्हें ‘गन्ना सिंह’ का नाम मिला. अध्यक्षीय संबोधन में पूर्व विधायक रजनीकांत मणि त्रिपाठी ने कहा कि गेंदा जी ने जिले को कृषि विश्वविद्यालय जैसी सौगात दी, जो उनकी प्रेरणा का फल है.
सम्मान समारोह और उपस्थितजन
आयोजन समिति ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों दीप चंद सिंह, राजबंशी सिंह, हरिनंदन सिंह, राज देव सिंह के परिजनों को सम्मानित किया. साथ ही किसान छोटे लाल सिंह, अरुण राव, चिकित्सक डॉ. नित्यानंद राय और पत्रकारों को अंगवस्त्र भेंट कर सत्कार दिया. डॉ. पुनीत राय, चेयरमैन प्रतिनिधि राकेश जायसवाल और किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष अजय राय ने अतिथियों का स्वागत किया. कार्यक्रम का संचालन दिनेश तिवारी ने किया.
इस दौरान चेयरमैन किरन जायसवाल, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष चंद्र प्रभा पांडेय, डॉ. प्रियंका नितिन वर्मा, दिग्विजय परासर, गोबिंद किशोर शाही, चित्तौनी चेयरमैन अशोक निषाद, मथौली चेयरमैन नौरंग सिंह, सेवरही चेयरमैन प्रतिनिधि त्रिभुवन जायसवाल, विश्वजीत राय, अविनाश राय, फाजिलनगर चेयरमैन कुंवर जी, सभासद राजेश मधेशिया, केशव सिंह, सुरेंद्र राय, प्रवीण शाही, गुड्डू शुक्ल, अरविंद राय, अरुण राय, सूरज राय, विश्वजीत कश्यप, विनोद राय, श्रीनिवास राय, पुनीत पांडेय, पुण्य प्रकाश तिवारी, सत्यप्रकाश पांडेय, सुमित त्रिपाठी, संजय शुक्ल, अंकित राय, ओंकार राय, निखिल राय, राजकुमार कुशवाहा, गौरव सिंह, शिवाकांत सिंह, रामाकांत राय, अमन शुक्ल, भाजपा मंडल अध्यक्ष राजेश प्रताप राव, जितेंद्र राय, वीरेंद्र मिश्रा, सचिन पाठक, शुभम राय आदि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे.
बाबू गेंदा सिंह
बाबू गेंदा सिंह का जन्म 1905 में हुआ था. वे 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय रहे और स्वदेशी को बढ़ावा दिया. 1952 में विधायक, फिर सांसद और मंत्री बने. उनका निधन 1985 में हुआ. यह सभा उनकी विरासत को जीवंत रखने का प्रयास था, जो कुशीनगर को प्रेरित करेगी.
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