Bharat Express DD Free Dish

बीएलओ पर काम का दबाव कम करने के लिए अधिक कर्मचारियों को नियुक्त करने का सुप्रीम कोर्ट ने दिया निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और अन्य राज्यों में बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की बढ़ती परेशानियों को देखते हुए राज्य सरकारों को अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति का निर्देश दिया है.

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल सहित अन्य राज्यों में हो रहे एसआईआर बीएलओ की परेशानियों को देखते हुए कई अहम दिशा निर्देश जारी किया है. सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने राज्यों को अतिरिक्त कर्मचारी नियुक्त करने का निर्देश दिया है. ताकि बीएलओ के कामकाज के घंटों में कमी लायी जा सकें.

हालांकि कोर्ट ने बूथ स्तर के अधिकारियों की हाल में तनाव और काम के दबाव के लिए चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार एक पर्याप्त कार्यबल प्रदान करने के लिए बाध्य है. कोर्ट ने कहा कि यदि आप दस हजार व्यक्ति दे रहे है तो 20 हजार-30 हजार चुनाव आयोग को दे.

कोर्ट ने राज्य सरकार को दिया निर्देश

कोर्ट ने कहा कि यदि किसी कर्मचारी के पास एसआईआर डियूटी से छूट मांगने का कोई विशिष्ट कारण है, तो राज्य सरकार का संबंधित अधिकारी ऐसे अनुरोधों पर मामलों के आधार पर विचार कर सकता है.उसपर कर्मचारी की जगह किसी अन्य को तैनात कर सकता है. कोर्ट ने यह निर्देश तमिलगा वेन्नी कझगम नाम की राजनीतिक पार्टी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद दिया है.

दायर याचिका में कहा गया है कि बीएलओ काफी दबाव में काम कर रहे हैं. जिसमे चलते वह आत्महत्या भी कर रहे है. पार्टी ने बीएलओ के तौर पर अपनी ड्यूटी ढंग से न निभा पाने वाले लोगों के खिलाफ चुनाव आयोग की ओर से की जा रही कार्रवाई को चुनौती दी थी. याचिकाकर्ता का कहना है कि चुनाव आयोग काम के बोझ तले दबे बीएलओ के खिलाफ काम न कर पाने की स्थिति में जन प्रतिनिधि कानून की धारा 32 के तहत आपराधिक कार्रवाई कर सकती है.

डयूटी के दौरान मरने वाले बीएलओ के लिए अनुग्रह राशि की मांग पर कोर्ट ने कहा कि पीड़ित व्यक्ति या याचिकाकर्ता अगली सुनवाई में इसके लिए याचिका दाखिल कर सकते है. कोर्ट 9 दिसंबर को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा.

ये भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट ने ईडब्ल्यूएस छात्रों को डिजिटल गैजेट्स देने पर केंद्र सरकार से मांगा जवाब

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read