Aaj Ka Panchang 11 December 2025
Aaj Ka Panchang 11 December 2025: 11 दिसंबर 2025 का गुरुवार पंचांग के हिसाब से बेहद शक्तिशाली और घटनापूर्ण दिन होने जा रहा है. आज पौष माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि दोपहर 1:56 बजे तक रहती है, जिसके बाद अष्टमी शुरू होते ही मासिक कालाष्टमी और मासिक जन्माष्टमी का पावन योग बन जाता है. यह वही समय है जब काल भैरव और विष्णु दोनों की कृपा एक साथ प्राप्त करने का अवसर मिलता है. साथ ही, आज पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र, विष्कुम्भ योग, बव करण और सिंह राशि में गतिमान चंद्रमा मिलकर ऐसा संयोजन बना रहे हैं, जिसे धार्मिक ग्रंथों में अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है.
गुरुवार व्रत, विष्णु पूजा, कालाष्टमी और जन्माष्टमी एक ही दिन मनाए जाना अपने आप में दुर्लभ है. इस दिन जहां अभिजीत मुहूर्त, ब्रह्म मुहूर्त और अमृत काल जैसे समय शुभता को बढ़ाते हैं, वहीं राहुकाल, यमगण्ड और दुर्मुहूर्त जैसे अशुभ समय सावधानी की चेतावनी देते हैं. ग्रह-नक्षत्रों के बदलते प्रभाव, दिशा शूल और चंद्रमा-केतु की युति आज के पूरे दिन को रहस्यमय बनाते हैं. आइए जानते हैं गुरुवार का संपूर्ण पंचांग—तिथि, नक्षत्र, योग, शुभ समय, अशुभ समय और आज किस दिशा में यात्रा करना शुभ नहीं.
आज की तिथि Today Tithi
11 दिसंबर को पौष कृष्ण सप्तमी तिथि दोपहर 1:56 PM तक रहती है, जिसके बाद अष्टमी तिथि प्रारंभ होती है. यही परिवर्तन आज के दिन को spiritually महत्वपूर्ण बनाता है, क्योंकि अष्टमी के निशिता मुहूर्त में ही कालाष्टमी और मासिक जन्माष्टमी दोनों मनाए जाते हैं. सप्तमी से अष्टमी में प्रवेश के साथ दिन का आध्यात्मिक तापमान बदल जाता है और पूजा-पाठ के नियम बदल जाते हैं.
- कृष्ण पक्ष सप्तमी: 01:56 PM तक
- अष्टमी: 01:56 PM के बाद
- मास: पौष
- वार: गुरुवार
आज का नक्षत्र — Today Nakshatra
चंद्रमा पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में भ्रमण कर रहे हैं, जो 12 दिसंबर की सुबह 3:55 AM तक रहेगा. यह नक्षत्र सौन्दर्य, उदारता, सामाजिकता और मानसिक ऊर्जा से जुड़ा माना जाता है. पूर्वाफाल्गुनी का स्वामी सूर्य है, जो आज की ऊर्जा को तेजस्वी बनाता है. नक्षत्र बदलने से पहले यह दिन अध्यात्मिक कार्य, उपवास और पूजा के लिए उत्तम माना गया है.
- नक्षत्र: पूर्वाफाल्गुनी
- नक्षत्र स्वामी: सूर्य देव
- देवता: आर्यमन (मित्रता के देवता)
- गुण: राजस
आज के योग Today Yogas
प्रमुख योग बन रहे हैं—विष्कुम्भ योग जो सुबह 11:40 AM तक रहता है, और उसके बाद प्रीति योग आरंभ हो जाता है. विशेष रूप से प्रीति योग काल भैरव पूजा और अष्टमी व्रत में अत्यंत शुभ माना गया है. योगों के परिवर्तन के साथ दिन के ऊर्जाक्षेत्र में भी परिवर्तन होता है, जिससे कार्यों के परिणामों में अंतर आता है.
- विष्कुम्भ योग: 11:40 AM तक
- प्रीति योग: पूरे दिन बाद में प्रभावी
आज के करण Today Karan
पंचांग के अनुसार 1:56 PM तक बव करण सक्रिय रहता है और उसके बाद बालव करण आरंभ होता है, जो अगले दिन 2:21 AM तक जारी रहता है. करण संयोजन कर्मफल और कार्यसिद्धि से जुड़े होते हैं, इसलिए पूजा या महत्वपूर्ण काम करते समय इनका ध्यान रखना ज़रूरी माना गया है.
सूर्य-चंद्र ग्रह स्थिति Sun & Moon Position
सूर्योदय सुबह 07:04 AM पर और सूर्यास्त 05:25 PM पर होता है. चंद्रमा आज सिंह राशि में रहकर एक विशेष प्रभाव उत्पन्न कर रहे हैं. सिंह राशि में चंद्रमा का गोचर मानसिक स्थिरता, नेतृत्व ऊर्जा और निर्णय क्षमता को बढ़ाता है. चंद्रोदय देर रात 12:08 AM पर होगा, जबकि चंद्रास्त दोपहर 12:11 PM पर होगा.
- सूर्य राशि: वृश्चिक
- चंद्र राशि: सिंह
- चंद्र-केतु युति से ग्रहण योग
शुभ मुहूर्त Shubh Muhurat
सबसे शक्तिशाली अभिजीत मुहूर्त 11:54 AM से 12:35 PM तक रहता है. इसके अलावा ब्रह्म मुहूर्त, विजय मुहूर्त और अमृत काल जैसे समय दिन के हर आध्यात्मिक कार्य के लिए वरदान साबित होंगे.
- अभिजीत: 11:54 AM – 12:35 PM
- अमृत काल: 09:12 PM – 10:53 PM
- ब्रह्म मुहूर्त: 05:15 AM – 06:09 AM
- विजय मुहूर्त: 01:58 PM – 02:39 PM
अशुभ समय — Ashubh Timing
दोपहर 01:32 PM से 02:50 PM तक राहुकाल रहेगा, जिसमें कोई शुभ कार्य शुरू नहीं किया जाता. इसके अतिरिक्त यमगण्ड, गुलिक काल और दुर्मुहूर्त भी ऐसे समय हैं, जिनसे बचना आवश्यक माना गया है.
- राहुकाल: 01:32 PM – 02:50 PM
- यमगण्ड: 07:04 AM – 08:21 AM
- गुलिक काल: 09:39 AM – 10:57 AM
- दुर्मुहूर्त: 10:31 AM – 11:12 AM
आज का दिशा शूल Today Disha Shool
गुरुवार के दिन दक्षिण दिशा में यात्रा करना अशुभ माना जाता है. यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो घी-गुड़ या दही-चीनी खाकर निकलने की परंपरा रहेगी.
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आज के त्योहार और व्रत Festivals & Vrats Today
मासिक कालाष्टमी और मासिक जन्माष्टमी दोनों मनाए जा रहे हैं. कालाष्टमी में काल भैरव की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है, जो नकारात्मक ऊर्जा, शत्रु भय, तंत्र-मंत्र के प्रभाव और अकाल मृत्यु से रक्षा करते हैं. वहीं जन्माष्टमी में विष्णु अवतार श्रीकृष्ण की पूजा से सुख-समृद्धि, संतान, सौभाग्य और ज्ञान की प्राप्ति होती है. गुरुवार व्रत का भी आज विशेष फल मिलता है.
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आज के पंचांग का सार (Aaj Ka Panchang 11 December 2025)
11 दिसंबर 2025 का पंचांग धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शक्तिशाली है. एक ही दिन कालाष्टमी, जन्माष्टमी, गुरुवार व्रत और कई शुभ योगों का संयोग बनना बेहद दुर्लभ माना जाता है. दिनभर बन रहे योग, नक्षत्र, दिशा शूल और चंद्र-सूर्य की स्थितियाँ यह तय करती हैं कि कौन सा समय आपके लिए शुभ या अशुभ होगा. सही समय का चयन करके आप आज अपने हर कार्य को विशेष सफलता की दिशा में ले जा सकते हैं.
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