Bharat Express DD Free Dish
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital

IRCTC घोटाला सहित अन्य मामलों में आरोपी बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की जज ट्रांसफर की मांग पर CBI ने आपत्ति जताई, कहा- ‘आरोपी बार-बार अदालत नहीं बदल सकते’

बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने आईआरसीटीसी घोटाला समेत अन्य मामलों में अपने मामले की सुनवाई कर रहे स्पेशल जज डॉ. विशाल गोगने से ट्रांसफर की मांग की है.

आईआरसीटीसी घोटाला सहित अन्य मामलों में आरोपी बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी द्वारा दायर ट्रांसफर अर्जी का सीबीआई ने राऊज एवेन्यु कोर्ट में विरोध किया है. राबड़ी देवी ने मामले की सुनवाई कर रहे मौजूदा स्पेशल जज डॉक्टर विशाल गोगने के यहां चल रहे मामलों को दूसरे जज के यहां ट्रांसफर की मांग की है.

सीबीआई की ओर से पेश स्पेशल पीपी डीपी सिंह ने विरोध करते हुए कहा कि राबड़ी देवी ने न्यायपालिका पर लांछन लगाया है. स्पेशल जज गोगने न्यायिक प्रक्रिया का पालन कर रहे है. उन्होंने कहा कि कोई भी आरोपी अदालत पर दवाब नही डाल सकता और ना ही न्यायाधीश को बदनाम कर सकता है. सीबीआई ने कहा आरोपी बार-बार अदालत नही बदल सकते.

राऊज एवेन्यु कोर्ट के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश भट्ट की कोर्ट राबड़ी देवी की ओर से दायर ट्रांसफर अर्जी पर सुनवाई कर रही है. कोर्ट 15 दिसंबर को मामले में अगली सुनवाई करेगा. दायर अर्जी में मौजूदा जज डॉक्टर विशाल गोगने को बदलने की मांग की गई है.

पूर्व मुख्यमंत्री ने जज बदलने की लगाई गुहार

दायर अर्जी में कहा गया है कि उन्हें अब वर्तमान न्यायाधीश के समक्ष निष्पक्ष सुनवाई मिलने का भरोसा नहीं हैं. राबड़ी देवी ने जज विशाल गोगने के यहां लंबित चार मामलों को बदलने की मांग करते हुए कहा है कि मौजूदा जज विशाल गोगने उनके प्रति पक्षपाती है और पूर्वनियोजित मन से मामले की सुनवाई कर रहे हैं. राबड़ी देवी ने जिन मामलों की ट्रांसफर की मांग की है, उनमें आईआरसीटीसी घोटाला, कथित नौकरी के बदले नकदी का मामला और उनसे जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग की कार्यवाही शामिल है.

कोर्ट ने 13 अक्टूबर को आईआरसीटीसी मामले में पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव सहित अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए थे. बता दें कि IRCTC का मामला लैंड फॉर जॉब मामले से अलग है. IRCTC घोटाला भी 2004 में लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहते हुआ था. दरअसल रेलवे बोर्ड ने उस वक्त रेलवे की कैटरिंग और रेलवे होटलों की सेवा को पूरी तरह IRCTC को सौप दिया था. इस दौरान रांची और पूरी के बीएनआर होटल के रखरखाव, संचालन और विकास को लेकर जारी टेंडर में अनियमितताएं किए जाने की बात सामने आई थी.

लालू परिवार समेत कई लोगों पर आरोप

इस मामले में ईडी ने 2017 में चार्जशीट दाखिल किया था. जिसमें लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, मेसर्स लारा प्रोजेक्ट एलएलपी, सरला गुप्ता, प्रेमचंद गुप्ता, गौरव गुप्ता, नाथ मल ककरानिया, राहुल यादव, विजय त्रिपाठी, देवकी नंदन तुलस्यान, मेसर्स सुजाता होटल, विनय कोचर, विजय कोचर, राजीव कुमार रेलान और मेसर्स अभिषेक फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड शामिल है. वही सीबीआई की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लेकर सुनवाई कर रही है.

सीबीआई ने लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव सहित 13 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया है. वर्ष 2004 से 2009 के बीच लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री रहे, उस समय रेलवे बोर्ड ने विभाग के सभी होटलों और ट्रेनों में केटरिंग सेवा IRCTC को सौप दिया था. इसी दौरान झारखंड के रांची और ओडिसा के पूरी में स्थित होटलों के टेंडर में गड़बड़ी की बात सामने आई थी.

ये भी पढें: यात्रियों की परेशानी पर सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका, केंद्र और इंडिगो को दिल्ली हाई कोर्ट की फटकार के बाद अब SC में सुनवाई

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital