बिहार के बाद महाराष्ट्र 'टेकओवर'
Maharashtra Local Election Result Analysis: बिहार विधानसभा चुनाव के बाद पूरे देश की नजरें महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों पर टिकी थीं. रविवार देर रात आए 288 नगर परिषदों और नगर पंचायतों के नतीजों ने एक बार फिर सियासी समीकरण बदल दिए हैं. इन परिणामों ने जहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) को जश्न मनाने का बड़ा मौका दिया है, वहीं बिहार में करारी हार झेलने वाली कांग्रेस के लिए यह नतीजे एक ‘ढाल’ बनकर आए हैं. हालांकि, महायुति (NDA) की बंपर जीत के बावजूद एकनाथ शिंदे और अजित पवार के लिए चिंता की लकीरें खिंच गई हैं.
समीकरण से पहले जानें आंकड़े (Maharashtra Nikay Chunav 2025 Result)
महायुति (NDA) कुल जीत: 207
- भाजपा: 117
- शिवसेना (शिंदे): 53
- NCP (अजित): 37
महा विकास अघाड़ी (MVA) कुल जीत: 44
- कांग्रेस: 28
- शिवसेना (UBT): 09
- NCP (शरद पवार): 07
बीजेपी बनी महायुति में ‘बिग बॉस’ (Maharashtra Local Election Result Analysis)
महाराष्ट्र में 2 और 20 दिसंबर को दो चरणों में हुए मतदान के बाद रविवार को जब परिणाम आए तो सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन ने क्लीन स्वीप कर दिया. कुल 288 सीटों में से महायुति ने 207 सीटों पर कब्जा जमाया है. इस जीत में सबसे बड़ा योगदान भाजपा का रहा है. भाजपा अकेले 117 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. यह आंकड़ा साबित करता है कि राज्य में भाजपा की पकड़ अपने सहयोगियों के मुकाबले कहीं ज्यादा मजबूत है.
कांग्रेस को मिली ‘ढाल’ (Congress In Maharashtra)
बिहार चुनाव में हार का ठीकरा कांग्रेस के सिर फोड़ा जा रहा था लेकिन महाराष्ट्र के इन नतीजों ने पार्टी को थोड़ी राहत दी है. विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) गठबंधन कुल 44 सीटों पर सिमट गया. गठबंधन के भीतर कांग्रेस का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा. कांग्रेस ने 28 सीटें जीती हैं. यह आंकड़ा इसलिए अहम है क्योंकि कांग्रेस ने अपने सहयोगी उद्धव ठाकरे और शरद पवार को काफी पीछे छोड़ दिया है. इसे कांग्रेस अब एक ढाल की तरह इस्तेमाल कर सकती है कि वह गठबंधन में कमजोर कड़ी नहीं है.
सबके लिए चिंतन के आंकड़े (Maharashtra Local Body Election For Mahayuti MVA)
एमवीए के दो प्रमुख स्तंभों उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) और शरद पवार की एनसीपी के लिए बेहद निराशाजनक हैं. सहानुभूति की लहर और मराठा राजनीति के दावों के बीच, शरद पवार की पार्टी महज 7 सीटों पर सिमट गई है. वहीं, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) को सिर्फ 9 सीटें मिली हैं. ये आंकड़े इन दोनों दिग्गजों के लिए गहरे चिंतन का विषय हैं.
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वहीं महायुति गठबंधन ने बड़ी जीत दर्ज की है, लेकिन सीएम एकनाथ शिंदे और डिप्टी सीएम अजित पवार के लिए यह जीत भी चेतावनी भरी है. शिंदे की शिवसेना को 53 और अजित पवार की एनसीपी को 37 सीटें मिली हैं. भाजपा के 117 सीटों के मुकाबले ये आंकड़े काफी कम हैं, जो भविष्य में सीट बंटवारे और सत्ता के संतुलन में भाजपा का पलड़ा भारी रखेंगे.
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