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रैपर बनेगा नेपाल का प्रधानमंत्री! क्यों बदला बालेन शाह का मन? कभी ठुकराया पद, अब बनेगे उम्मीदवार

Nepal Election 2026: जो कल तक ‘किंगमेकर’ बनकर पीछे खड़ा था, उसने अचानक प्रधानमंत्री बनने का फैसला क्यों किया? रबी लामिछाने और बालेन शाह (Balen Shah) की बंद कमरे में हुई बैठक ने नेपाल की राजनीति में भूचाल ला दिया है.

Kathmandu Mayor Balen Shah to be PM Candidate for RSP Alliance with Rabi Lamichhane For Nepal Elections

Nepal Election 2026: नेपाल की राजनीति में एक बड़ा यू-टर्न देखने को मिला है. ‘किंगमेकर’ की भूमिका निभाकर दूसरों को सत्ता तक पहुंचाने वाले काठमांडू के मेयर बालेन शाह (Balen Shah) ने अब खुद देश की कमान संभालने का मन बना लिया है. राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) ने अगले साल होने वाले आम चुनाव के लिए बालेन शाह को अपना प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने का फैसला किया है.

बालेन शाह वही शख्स हैं, जिन्हें सितंबर की शुरुआत में हुए ‘जेनजी आंदोलन’ के बाद मौजूदा सरकार बनवाने में ‘किंगमेकर’ माना गया था. तब उन्होंने खुद पद लेने के बजाय सुशीला कार्की के नेतृत्व वाली सरकार को समर्थन दिया था. लेकिन अब 2026 के चुनाव से पहले बालेन शाह ने अपनी रणनीति (Balen Shah PM candidate) बदल दी है.

सवाल है कि मन क्यों बदला? (Balen Shah political move)

दरअसल, नेपाल में पुरानी पार्टियों के दबदबे को खत्म करने और राजनीतिक अस्थिरता को रोकने के लिए बालेन शाह और आरएसपी अध्यक्ष रबी लामिछाने ने हाथ मिला लिया है. बालेन शाह को लगता है कि ‘पुराने भ्रष्ट नेतृत्व’ को हटाने के लिए अब खुद फ्रंटफुट पर खेलना जरूरी है. रबी लामिछाने और बालेन के बीच 7 सूत्रीय समझौता हुआ है. रविवार सुबह दोनों के बीच एक लंबी बैठक हुई, जिसमें दोनों युवा नेताओं के बीच ताकत के बंटवारे को लेकर सहमति बनी.

हुए कई समझौते (Balen Shah Alliance with Rabi Lamichhane)

  • रबी लामिछाने आरएसपी के अध्यक्ष बने रहेंगे और संगठन संभालेंगे.
  • बालेन शाह संसदीय दल के नेता होंगे और चुनाव के बाद प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे.
  • पार्टी ‘घंटी’ चुनाव चिन्ह पर ही चुनाव लड़ेगी और झंडा नीला ही रहेगा.

आर्किटेक्ट, रैपर और अब भावी पीएम?

पेशे से आर्किटेक्ट और रैपर रह चुके बालेन शाह युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हैं. वे मीडिया से दूर रहते हैं और अपने काम (पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर) पर फोकस करते हैं. वहीं, रबी लामिछाने मीडिया बैकग्राउंड से हैं और हाल ही में भ्रष्टाचार के आरोपों में जेल से जमानत पर रिहा हुए हैं. इन दोनों का एक साथ आना नेपाल की पारंपरिक राजनीति के लिए खतरे की घंटी है.

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5 मार्च 2026 को है परीक्षा (Balen Shah In Nepal Election)

नेपाल में 5 मार्च 2026 को आम चुनाव होने हैं. राजनीतिक विश्लेषक अरुण सुबेदी का मानना है कि शाह और लामिछाने का यह गठबंधन सत्ता का संतुलन पूरी तरह बदल सकता है. नेपाल का इतिहास रहा है कि वहां कोई सरकार अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाती, ऐसे में यह जोड़ी ‘स्थिरता’ के वादे के साथ मैदान में उतरेगी.



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