रिपोर्ट- भारत एक्सप्रेस
Chhattisgarh News: झीरम घाटी हत्याकांड को लेकर कांग्रेस नेता व प्रवक्ता विकास तिवारी अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. विकास तिवारी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और मंत्री कवासी लखमा को इस हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता होने का आरोप लगाया है. इस संबंध में उन्होंने न्यायिक जांच आयोग से नार्को टेस्ट कराने की भी मांग कर दी. कांग्रेस नेता के इस बयान के बाद कांग्रेस संगठन में बवाल मच गया.
विकास तिवारी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट कर कहा कि झीरम घाटी हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक पूर्व मुख्यमंत्री है. विकास तिवारी ने इसके लिए नार्को टेस्ट कराने की भी मांग की है. उन्होंने अपने पोस्ट में #YES FOR NARCO-VT का हैजटैग भी लिखा है.

कैसे शुरू हुआ ये मामला?
दरअसल बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने झीरम घाटी नरसंहार को लेकर बड़ा दावा किया था. उन्होंने इस नक्सली नरसंहार को लेकर कांग्रेस के नेताओं की भूमिका पर सवालिया निशान खड़ा करते हुए उनकी संलिप्तता का दावा किया था.
जिसपर कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता विकास तिवारी ने अपना बयान देते हुए खलबली मचा दी. उन्होंने कहा कि झीरम घाटी हत्याकांड मामले में बीजेपी नेताओं सहित कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व मंत्री कवासी लखमा का भी नार्को टेस्ट कराना चाहिये.
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क्या है झीरम घाटी हत्याकांड?
दरअसल 2013 में झीरम घाटी में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा चल रही थी. 25 मई 2013 को इसी यात्रा में शामिल होने जा रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विद्याचरण शुक्ल, नंद कुमार पटेल और महेंद्र कर्मा सहित 30 से अधिक लोगों की माओवादियों ने हत्या कर दी. इस हमले में एक नेता को माओवादियों ने नहीं मारा था और वो कवासी लखमा थे. बाद में एक पूर्व नक्सली ने बताया था कि झीरम हमले में कवासी लखमा को उनके स्थानीय पहचान के कारण छोड़ा गया था.
वहीं अपनी ही पार्टी के नेता पर झीरम घाटी हत्याकांड की साजिश रचने के आरोप लगाने के मामले में कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी को कांग्रेस ने पदमुक्त कर दिया है. कांग्रेस ने उन्हें तीन दिन के भीतर जवाब देने का नोटिस भी जारी किया है.
-भारत एक्सप्रेस
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