दिल्ली हाई कोर्ट ने शाहीन बाग इलाके में एक खुली सीवर लाइन से रिसाव को लेकर दायर याचिका पर बड़ा आदेश दिया हैं. कोर्ट ने सीवर रिसाव रोकने के लिए दिल्ली जल बोर्ड को निर्देश दिया है. सड़क पर गंदा पानी जमा हो रहा है, जिससे चलना तो दूर, सांस लेना भी मुश्किल हो गया है. कोर्ट ने कहा कि लोग सड़क पर चल भी नहीं पाते. ये रिसाव स्वास्थ्य, सुरक्षा और सफाई के लिए बड़ा खतरा है.
जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की बेंच ने यह आदेश दिया है. कोर्ट ने दिल्ली जल बोर्ड, एमसीडी, पीडब्ल्यूडी या किसी भी अन्य सरकारी एजेंसी की मदद लेने को कहा है. कोर्ट ने इलाके का निरीक्षण कर, तुरंत ठीक करने का निर्देश दिया है. साथ ही कोर्ट ने स्टेट्स रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है. कोर्ट 16 जनवरी को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा.
कोर्ट ने समाधान के लिए मीटिंग का आदेश दिया
शाहीनबाग व अबुल फजल एंक्लेव के लोग पिछले दो महीने से सीवर और नाला का रिसाव की समस्या से जूझ रहे है. गलियों से लेकर सड़क तक सीवर का गंदा पानी भरा हुआ है. कोर्ट ने सभी सिविक बॉडीज को मीटिंग बुलाने और समस्या का समाधान करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने कहा कि मीटिंग में अगर कोई मुद्दा हल नही होता है तो उसे चिन्हित कर कोर्ट के समक्ष अगली सुनवाई में रखें.
दिल्ली की आबादी 30 मिलियन से अधिक है, लेकिन शहर का सीवर लाइन दशकों पुराना है और बोझ तले दबा हुआ है. पुराने सीवर लाइन होने के चलते बारिश के.समय ब्लॉकेज होने के कारण सीवर ओवरफ्लो और लीक की घटनाएं अक्सर देखने को मिलती हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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