Google Golden Baba Magh Mela: संगम की रेती पर सजे प्रयागराज माघ मेले में इन दिनों आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा है कि हर तरफ बस भक्ति और अध्यात्म के रंग दिखाई दे रहे हैं. लेकिन इस बार मेले में केवल भजन-कीर्तन ही नहीं, बल्कि साधु-संतों का ठाठ-बाट भी लोगों के बीच कौतूहल का विषय बना हुआ है. खाक चौक के ‘सतुआ बाबा’ और उनकी महंगी गाड़ियों की चर्चा अभी थमी भी नहीं थी कि अब एक और ‘अतरंगी’ बाबा ने अपने अंदाज से सबको हैरान कर दिया है.
कानपुर के रहने वाले मनोज आनंद, जिन्हें लोग अब ‘गूगल गोल्डन बाबा’ के नाम से जानते हैं, माघ मेले के सबसे बड़े आकर्षण बन गए हैं.
शरीर पर 5 करोड़ का सोना, सिर पर चांदी का ताज
गोल्डन बाबा जब मेले की गलियों से गुजरते हैं, तो उनकी चमक दूर से ही दिखाई देती है. उनके शरीर पर करीब 5 करोड़ रुपये के सोने-चांदी के आभूषण लदे हुए हैं. उनके सिर पर कई किलो वजन का चांदी का एक भव्य मुकुट है और गले में सोने-चांदी से बना शंख शोभा बढ़ा रहा है.
सबसे खास बात यह है कि बाबा अपने हाथों में हमेशा सोने से बने ‘लड्डू गोपाल’ की मूर्ति लेकर चलते हैं. अंगुलियों में देवी-देवताओं की आकृति वाली भारी-भरकम अंगूठियां उनकी वेशभूषा को और भी खास बनाती हैं.
इतना सोना पहनने के पीछे की वजह क्या है?
अक्सर लोग बाबा से पूछते हैं कि इतना कीमती सामान पहनकर घूमने की क्या जरूरत है? इस पर बाबा बड़े बेबाक अंदाज में जवाब देते हैं कि वे पैदाइशी रईस हैं और क्षत्रिय होने के नाते उन्हें सोने-चांदी का शौक है.
वे पिछले 20 सालों से इसी तरह रह रहे हैं. उनके पास चांदी के बर्तन हैं जिनमें वे भोजन करते हैं. पहले तो वे 5 लाख रुपये की चांदी की चप्पलें भी पहनते थे, लेकिन अब उन्होंने इसे त्याग दिया है.
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योगी आदित्यनाथ के लिए लिया है ‘कठोर संकल्प’
गोल्डन बाबा केवल अपने गहनों के लिए ही सुर्खियों में नहीं हैं, बल्कि उनका एक संकल्प भी चर्चा में है. बाबा ने संकल्प लिया है कि जब तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देश के प्रधानमंत्री नहीं बन जाते, तब तक वे नंगे पैर ही रहेंगे. उनके चांदी के मुकुट पर भी सीएम योगी की तस्वीर लगी हुई है. वे पिछले आठ सालों से लगातार माघ मेले में आ रहे हैं और अनुष्ठान कर रहे हैं.
सुरक्षा का कोई डर नहीं, गूगल पर हैं मौजूद
इतने करोड़ों के गहने पहनकर घूमने पर क्या उन्हें डर नहीं लगता? इस सवाल पर बाबा मुस्कुराते हुए कहते हैं, “मेरे साथ मेरे लड्डू गोपाल हैं, मुझे किसी सुरक्षा की जरूरत नहीं है.” बाबा का नाम ‘गूगल गोल्डन बाबा’ पड़ने के पीछे भी एक दिलचस्प वजह है. उनका कहना है कि आप जैसे ही गूगल पर उन्हें सर्च करेंगे, वे तुरंत आपके सामने प्रकट हो जाएंगे.
प्रयागराज का यह माघ मेला वाकई में ‘अजूबों’ से भरा है, जहां भक्ति के साथ-साथ ऐसे अनोखे व्यक्तित्व भी देखने को मिल रहे हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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