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Kiren Rijiju Claims Congress Abused Speaker: संसद के गलियारों में बुधवार को जो हुआ, उसने लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तार-तार कर दिया है. सदन के भीतर का हंगामा अब लोकसभा स्पीकर के निजी चैंबर तक पहुंच गया है. केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मीडिया के सामने आकर विपक्ष की पोल खोल दी है. उन्होंने बेहद गुस्से और अफसोस के साथ बताया कि कांग्रेस सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला के चैंबर में घुसकर जो किया, वह बताने लायक भी नहीं है.
‘बंद कमरे में गालियों की बौछार’ (Kiren Rijiju Statement)
रिजिजू ने घटना का आंखों देखा हाल बयां करते हुए कहा कि मैं वहां मौजूद था और जो मैंने देखा, वह किसी भी सांसद को शोभा नहीं देता. रिजिजू के मुताबिक, कांग्रेस के करीब 20 से 25 सांसद स्पीकर के चैंबर में जबरन घुस आए. आरोप है कि सांसदों ने स्पीकर के साथ अभद्रता की और गाली-गलौज का इस्तेमाल किया. रिजिजू ने कहा कि उन्होंने ऐसी भाषा बोली जो मैं आपको कैमरे पर बता भी नहीं सकता.
विपक्ष पर उकसाने का आरोप
संसदीय कार्य मंत्री ने सीधा हमला बोलते हुए कहा कि प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल जैसे सीनियर नेता वहां मौजूद थे और वे शांत कराने की बजाय अपने सांसदों को लड़ने के लिए उकसा रहे थे.
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‘नरमी का उठाया फायदा’ (Kiren Rijiju On Om Birla)
रिजिजू ने कहा कि स्पीकर ओम बिरला स्वभाव से बहुत नरम इंसान हैं. अगर कोई और होता तो शायद वहीं सख्त एक्शन ले लेता, लेकिन स्पीकर ने संयम बरता. विपक्ष ने उनकी इसी शराफत का नाजायज फायदा उठाया है. रिजिजू ने यह भी जोड़ा कि राहुल गांधी देश की सुरक्षा के मुद्दों पर राजनीति कर रहे हैं, जो देशहित में नहीं है.
अविश्वास प्रस्ताव और स्पीकर का फैसला
यह पूरा बवाल तब हुआ है जब विपक्ष ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. कांग्रेस, सपा और डीएमके समेत विपक्षी दलों के करीब 120 सांसदों ने स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस लोकसभा महासचिव को सौंपा है. हालांकि, ममता बनर्जी की TMC ने इस पर साइन नहीं किए हैं.
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इस नोटिस और दुर्व्यवहार से आहत होकर स्पीकर ओम बिरला ने फैसला किया है कि जब तक इस प्रस्ताव पर निर्णय नहीं हो जाता, वे आसन पर नहीं बैठेंगे. उन्होंने महासचिव उत्पल कुमार सिंह को नियमों के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. संविधान के अनुच्छेद 94(c) के तहत यह नोटिस दिया गया है.
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