बरसाना (मथुरा): विश्व प्रसिद्ध लट्ठमार होली के अवसर पर बरसाना पूरी तरह रंगों में सराबोर दिखा. श्रीजी मंदिर और ऐतिहासिक रंगीली गलियों में देश-दुनिया से आए करीब 10 लाख श्रद्धालुओं ने होली का उल्लास देखा. पारंपरिक लट्ठमार होली शाम 5:00 बजे से है, जबकि दोपहर 2:30 बजे तक श्रीजी मंदिर में श्रद्धालुओं को दर्शन कराए गए. इस दौरान जमकर अबीर-गुलाल बरसा. रंगोत्सव सुबह से ही शुरू हो गया था.
इस बार भीड़ ने पिछले वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. प्रशासन ने संभावित 20 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा का इंतजाम किया है.
रंगीली गलियों में बरस रहा रंग-गुलाल
बरसाना की प्रसिद्ध रंगीली गलियां सुबह से ही गुलाल और अबीर के रंगों से सराबोर रहीं. नंदगांव से आए हुरियारे ढाल लेकर पहुंचे, जबकि बरसाना की महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में लट्ठ लिए तैयार दिखीं. जैसे ही शाम 5 बजे लट्ठमार होली की शुरुआत हुई, पूरा क्षेत्र राधे-राधे के जयघोष से गूंज उठा.
दूर-दूर से लाखों लोग पहुंच रहे बरसाना
बरसाना में लट्ठमार होली का यह रंगारंग उत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि ब्रज की सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उदाहरण भी है. देर शाम तक रंग, संगीत और उल्लास का सिलसिला जारी रहने की संभावना है.
पूरे मेला क्षेत्र को 7 जोन और 18 सेक्टरों में बांटा गया है. 4500 से अधिक पुलिसकर्मी, PAC (प्रांतीय सशस्त्र पुलिस) और एंटी रोमियो टीमें तैनात हैं. इसके अलावा 150 से अधिक CCTV कैमरों और ड्रोन के जरिए चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखी जा रही है. सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी ‘हुरियारों’ और सामान्य श्रद्धालुओं के बीच मौजूद हैं ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके.
सीओ सिटी ने बताया कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं. प्रशासन ने लाड़ो द्वार, प्रिया कुंड और मुख्य मार्गों से अतिक्रमण हटाकर रास्तों को साफ और चौड़ा कराया है.
वाहनों को कई किमी पहले ही रोक दिया गया
भारी भीड़ को देखते हुए बाहर से आने वाले वाहनों को बरसाना से 1 से 3 किलोमीटर पहले ही रोक दिया गया. श्रद्धालुओं को पैदल ही मंदिर तक पहुंचना पड़ा. शहर में केवल परिक्रमा मार्ग को एंट्री और एग्जिट के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है. एक बार मंदिर क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद श्रद्धालुओं को वापसी की अनुमति नहीं दी जा रही, बल्कि निकास मार्ग से बाहर जाना अनिवार्य है.
इस व्यवस्था के चलते कई श्रद्धालुओं को जूते-चप्पल उतारने के बाद उन्हें वापस लेने के लिए करीब 3 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ा. हालांकि प्रशासन का कहना है कि भीड़ प्रबंधन के लिए यह व्यवस्था जरूरी थी. प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे तय मार्गों का पालन करें, अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें. मेडिकल टीमों और एंबुलेंस की भी तैनाती की गई है.
मथुरा शहर में भी ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू
बरसाना से करीब 45 किलोमीटर दूर मथुरा सिटी और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक रूट डायवर्जन लागू किया गया है. गोवर्धन चौराहा और मंडी चौराहा से भूतेश्वर की ओर जाने वाला मार्ग बंद रखा गया. रोडवेज बसों को मालगोदाम रोड से संचालित किया गया. भूतेश्वर तिराहा और मसानी तिराहा पर वाहनों की आवाजाही रोकी गई.
छाता से बरसाना जाने वाले भारी कमर्शियल वाहनों को बरसाना अंडरपास हाईवे की ओर मोड़ा गया. नंदगांव, कोसी और गोवर्धन की ओर से आने वाले वाहनों के लिए भी अलग-अलग प्रतिबंध और डायवर्जन लागू किए गए. रोडवेज और नगर निगम की बसें केवल जुनसुटी पार्किंग तक ही संचालित की जा रही हैं.
‘संभल के हीरो’ अनुज चौधरी भी पहुंचे
संभल से चर्चा में आए पुलिस अधिकारी अनुज चौधरी भी बरसाना पहुंचे हैं. उन्होंने कहा, “राधा रानी के गांव में होली खेलने आया हूं, अब तक कई बार यहां आ चुका हूं. कल कान्हा जी के नंदगांव भी जाऊंगा.” उनके आगमन से सुरक्षा व्यवस्था और भी सख्त नजर आई.
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-भारत एक्सप्रेस
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