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Delhi Red Fort Blast: लाल किले के पास कार में फट गया था उमर, कोर्ट ने तुफैल-जमीर को 5 दिन NIA की रिमांड पर भेजा

Delhi Red Fort Blast: पटियाला हाउस कोर्ट ने दिल्ली लाल किला ब्लास्ट केस में तुफैल अहमद भट्ट और जमीर अहमद अहंगर की 5 दिन एनआईए रिमांड बढ़ाई. AGH से जुड़े, हथियार जुटाने का आरोप.

Delhi red fort blast update
Vijay Ram Edited by Vijay Ram

दिल्ली लाल किला कार ब्लास्ट केस में पटियाला हाउस कोर्ट ने बड़ा फैसला लिया है. गिरफ्तार तुफैल अहमद भट्ट और जमीर अहमद अहंगर की एनआईए रिमांड बढ़ा दी गई है.

कोर्ट ने रिमांड बढ़ाई

पटियाला हाउस कोर्ट ने दिल्ली लाल किला ब्लास्ट मामले में गिरफ्तार तुफैल अहमद भट्ट और जमीर अहमद अहंगर को 5 दिन की अतिरिक्त एनआईए रिमांड पर भेज दिया है. दोनों आरोपियों की 10 दिन की रिमांड खत्म होने के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया था. एनआईए ने 15 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने केवल 5 दिन की बढ़ोतरी दी. यह फैसला 6 मार्च 2026 को आया.

इन लोगों पर आरोप क्या हैं

एनआईए के अनुसार, तुफैल और जमीर हथियार और गोला-बारूद इकट्ठा कर रहे थे. जमीर को उमर, इरफान और आदिल ने राइफल, पिस्तौल और जिंदा गोला-बारूद दिया था. दोनों अंसार गजावत उल हिंद (AGH) संगठन से जुड़े हुए हैं. जमीर अहमद अहंगर गांदरबल के वकुरा गांव का रहने वाला है और मुतलशा नाम से भी जाना जाता है. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने शुरू में इसे व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल से जुड़ा पाया था. एनआईए जांच में पता चल रहा है कि विस्फोट की योजना कैसे बनी, सहयोगी कौन थे और हथियार कैसे जुटाए गए. एजेंसी का शक है कि यह मॉड्यूल जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों से जुड़ा है.

अब तक की गिरफ्तारियां

इस मामले में अब तक कई लोग गिरफ्तार हो चुके हैं. इनमें डॉक्टर मुजम्मिल शकील गनी, डॉक्टर शाहीन सईद, मुfti इरफान आदि शामिल हैं. डॉक्टर शाहीन सईद के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह विश्वविद्यालय फ्लैट से 18.50 लाख रुपये कैश, सोने की बिस्किट, गहने और अरब देशों की करेंसी बरामद हुई है.

साजिश के मुख्य तथ्य

गृह मंत्रालय ने दिल्ली कार धमाके की जांच एनआईए को सौंपी थी. एजेंसी विभिन्न राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर मॉड्यूल के हर सदस्य का पता लगा रही है. बिलाल वानी पर लाल किला ब्लास्ट की साजिश रचने का आरोप है. एनआईए के मुताबिक, दानिश ने ड्रोन में तकनीकी बदलाव किए और कार बम विस्फोट से पहले रॉकेट बनाने की कोशिश की. दानिश ने उमर उन नबी के साथ मिलकर साजिश में अहम भूमिका निभाई. शोएब ने आतंकी उमर नबी को विस्फोट से ठीक पहले पनाह दी और लॉजिस्टिक मदद की. शोएब ने नूंह में अपनी साली अफसाना के घर में उमर को कमरा किराए पर दिलाया. विस्फोट से 10 दिन पहले उमर 10 दिनों तक इसी घर में रहा.यह जांच तेजी से चल रही है और एनआईए पूरी साजिश का खुलासा करने में जुटी है.



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