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भोपाल के कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के खिलाफ एआईटी जांच के निर्देशों पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट ने भोपाल के कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के खिलाफ FIR और SIT जांच के हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है. कोर्ट ने हाई कोर्ट के निर्देशों को ‘कठोर’ बताया.

Supreme Court stay on FIR and SIT investigation on MLA Arif Masood
Edited by Vaibhav Gupta

भोपाल के कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिल गया है. कोर्ट ने हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें उनके खिलाफ एफआईआर और एसआईटी जांच के निर्देश दिए गए थे. जस्टिस जे. के महेश्वरी और जस्टिस अतुल चंदूरकर की पीठ ने अंतरिम आदेश पर सवाल उठाए.

पहली नजर में निर्देश कठोर

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार का जवाब आये बिना ऐसे सख्त निर्देश पारित नहीं करना चाहिए था. कोर्ट ने कहा कि पहली नजर में हाई कोर्ट का यह निर्देश काफी कठोर लग रहा है. हाई कोर्ट ने इंदिरा प्रियदर्शिनी कॉलेज मामले में एफआईआर और एसआईटी जांच के आदेश दिए थे.

बता दें कि ये एफआईआर आईपीसी की धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत दर्ज किया गया है. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने 9 जून 2025 को अमन एजुकेशन सोसाइटी द्वारा संचालित कॉलेज की मान्यता को रद्द कर दिया था. आरिफ इस कॉलेज के सचिव है.

फर्जी सेल डीड के आधार पर कॉलेज संचालन

हाई कोर्ट ने फर्जी सेल डीड के आधार पर कॉलेज संचालन का आरोप लगाते हुए भोपाल पुलिस आयुक्त को आरिफ के खिलाफ तीन दिन के भीतर FIR दर्ज करने और डीजीपी को एसआईटी गठन करने का आदेश दिया था. जिसके खिलाफ आरिफ ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है.

हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि कॉलेज के संचालन के लिए जाली दस्तावेज बनाने के लिए प्रशासनिक और राजनीतिक समर्थन के बिना संभव नहीं था.

बता दें कि आरिफ मसूद पर आरोप है कि फर्जी दस्तावेज देकर अपने कॉलेज की मान्यता ली थी. जिसको लेकर हाई कोर्ट में सुनवाई हुई थी. हाई कोर्ट ने आरिफ मसूद के इंदिरा प्रियदर्शिनी कॉलेज में नए दाखिले पर पूरी तरह रोक लगा दिया था.

ये भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल एसआईआर मामले में सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी: न्यायिक अधिकारियों पर आरोप लगाने से नाराज सीजेआई

-भारत एक्सप्रेस



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