असम की सियासत में आज का दिन बेहद सरगर्म रहने वाला है. केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह अपने दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन यानी रविवार को असम में विकास की नई इबारत लिखने के साथ-साथ चुनावी बिसात बिछाने जा रहे हैं. असम विधानसभा चुनावों की आहट के बीच शाह का यह दौरा न केवल प्रशासनिक लिहाज से अहम है, बल्कि इसके गहरे राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं. शाह का आज का पूरा दिन अस्पतालों के उद्घाटन से लेकर युवाओं के बीच हुंकार भरने तक, काफी व्यस्त रहने वाला है.
स्वास्थ्य सेवा को नई संजीवनी
रविवार सुबह की शुरुआत असम के लिए एक बड़ी खुशखबरी के साथ होने जा रही है. गृह मंत्री अमित शाह गुवाहाटी के कालापहाड़ इलाके में नवनिर्मित प्राग्ज्योतिषपुर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का उद्घाटन करेंगे. असम के लोग लंबे समय से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उम्मीद लगाए बैठे थे, और यह मेडिकल कॉलेज उस दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा.
इस उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री समेत राज्य कैबिनेट के दिग्गज मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे. जानकार बताते हैं कि बीजेपी सरकार इस प्रोजेक्ट के जरिए यह संदेश देना चाहती है कि पूर्वोत्तर में केवल सड़कें ही नहीं बन रही हैं, बल्कि आम आदमी की सेहत से जुड़े बुनियादी ढांचे को भी मजबूत किया जा रहा है.
एक लाख युवाओं से संवाद
आज का सबसे बड़ा और चर्चित कार्यक्रम दोपहर करीब एक बजे खानापारा के पशु चिकित्सा कॉलेज मैदान में होने वाला है. यहां ‘युवा शक्ति समारोह’ का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें राज्य के कोने-कोने से लगभग एक लाख युवाओं के जुटने की उम्मीद है.
बीजेपी की युवा शाखा (BJYM) द्वारा आयोजित इस सम्मेलन का सीधा लक्ष्य उन युवा मतदाताओं को साधना है, जो अगले विधानसभा चुनाव में किंगमेकर की भूमिका निभाएंगे. अमित शाह यहां छात्रों, नए उद्यमियों और पहली बार वोट डालने वाले वोटर्स (First-time voters) को संबोधित करेंगे. उम्मीद जताई जा रही है कि शाह यहां केंद्र सरकार की रोजगार योजनाओं, कौशल विकास और स्टार्टअप इंडिया जैसे मुद्दों पर बात करेंगे, ताकि युवाओं को पार्टी के करीब लाया जा सके.
चुनावी रणनीति और जमीनी फीडबैक
अमित शाह की इस यात्रा का एक बड़ा हिस्सा ‘पर्दे के पीछे’ वाली बैठकों का भी है. सूत्रों की मानें तो शाह असम बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व के साथ अनौपचारिक चर्चा करेंगे. इस बैठक का मुख्य एजेंडा आगामी विधानसभा चुनावों के लिए चुनावी रोडमैप तैयार करना है.
पार्टी के मीडिया संबंध संयोजक ध्रुबज्योति मारल ने भी संकेत दिए हैं कि संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने के लिए गृह मंत्री का मार्गदर्शन काफी अहम होगा.
ये भी पढ़ें: ‘एक मौका भाजपा को दीजिए’; शाह ने याद दिलाया AAP के अधूरे वादे, 25 लाख नौकरी और MSP पर उठाया सवाल
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.
