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राज्यसभा चुनाव में अपनों ने ही घोंपा पीठ में खंजर! तेजस्वी का छलका दर्द, बोले- धोखा न मिलता तो जीत हमारी होती

Tejashwi On Rajya Sabha Election: बिहार राज्यसभा चुनाव में सभी 5 सीटों पर एनडीए ने कब्जा जमा लिया. अपनों से मिले धोखे पर राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी यादव आज खफा-खफा दिखे. उन्होंने बीजेपी पर धनतंत्र और मशीनतंत्र के दुरुपयोग का आरोप लगाया.

Tejashwi On Rajya Sabha Election

Tejashwi On Rajya Sabha Election: बिहार राज्यसभा चुनाव को लेकर पिछले एक हफ्ते से मचे घमासान का आज पटाक्षेप हो गया. राज्यसभा की सभी 5 सीटों पर एनडीए ने कब्जा जमा लिया. इस चुनाव में एनडीए की 4 सीटों पर जीत तय मानी जा रही थी. वहीं 5वें सीट पर राजद ने अपना दांव लगाया हुआ था. इसके लिए जरूरी वोटों का भी राजद ने इंतेजाम कर लिया था, लेकिन वोटिंग के दौरान कांग्रेस के तीन और राजद का एक विधायक मौजूद नहीं रहे. जिसके बाद एनडीए ने 5वीं सीट भी अपने खाते में डाल ली.

अपनों से मिले धोखे पर राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी यादव आज खफा-खफा दिखे. बिहार विधानसभा से बाहर निकलते ही बिहार विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने बीजेपी को जमकर खरी-खोटी सुनाई. उन्होंने कहा कि अगर अपने धोखा नहीं दिये होते, तो राजद की जीत तय थी. तेजस्वी ने बीजेपी पर धनतंत्र और मशीनतंत्र के उपयोग का भी आरोप लगाया.

अंतिम सांस तक लड़ाई रखेंगे जारी

तेजस्वी ने कहा कि सभी लोगों को मालूम है कि एजेंसियां कहां हैं. हमारा जितना भी संख्याबल है. हम उसी दम पर बीजेपी के खिलाफ अंतिम सांस तक लड़ाई जारी रखेंगे और एक दिन वो समय जरूर आएगा जब हम उन्हें हराने में कामयाब होंगे.

राजद अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि धनतंत्र और मशीन तंत्र के दुरुपयोग की बीजेपी ने जो परंपरा शुरू की है. उसका अंत जरूर करेंगे.

अपने लोगों पर धोखा देने का लगाया आरोप

उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि महागठबंधन के पास 35 वोट थे. राज्यसभा में एक सीट जीतने के लिए 41 वोटों की जरूरत होती है. ऐसे में हमारे पास 6 लोग कम थे. उधर बीजेपी के पास 3 वोट कम थे. पांचवीं सीट के लिए हमने जितना भी हो सका, हम लड़े. हम उनके आगे नहीं झुकेंगे. यह विचारधारा की लड़ाई है और हम बीजेपी के खिलाफ लड़ते रहेंगे.

तेजस्वी महागठबंधन के चार विधायकों के चुनाव में हिस्सा नहीं लेने पर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि हमारे लोगों ने अगर धोखा नहीं दिया होता तो हमारी जीत निश्चित थी. हम इस धोखे पर बाद में प्रतिक्रिया देंगे. पर एक बात बता दूं कि हमने अपने कमी के कोटे को पूरा करने के लिए बंदोबस्त कर लिया था.

समीक्षा के बाद ही होगी गद्दारों की पहचान

उन्होंने कहा कि कौन विधायक नहीं आए और इसके पीछे कौन सी राजनीति हुई, इस बारे में तो पूरी प्रक्रिया की समीक्षा के बाद ही बताया जा सकेगा. फिलहाल उनकी प्राथमिकता महागठबंधन को मजबूत करना है.

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बता दें कि, 5 सीटों पर हो रहे राज्यसभा चुनाव में एक सीट महागठबंधन के खाते में जा सकती थी, लेकिन वोटिंग के समय 4 विधायकों ने भाग ही नहीं लिया. बताया जा रहा है कि इसमें से 3 विधायक कांग्रेस के और 1 विधायक राजद के थे. हालांकि वो कौन-कौन से विधायक थे इस बारे में समीक्षा चल रही है.

-भारत एक्सप्रेस



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