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महाअष्टमी पर पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं, बताया क्यों खास है देवी का ये श्वेत स्वरूप

पीएम मोदी ने मां महागौरी की पूजा के अवसर पर देश को दी बधाई. जानिए क्यों खास है देवी का यह आठवां स्वरूप और क्या है पीएम द्वारा साझा किए गए श्लोक का अर्थ.

PM Modi tweet on chaitra navratri 2026

चैत्र नवरात्रि की गूंज आज पूरे देश में सुनाई दे रही है. आज नवरात्रि का आठवां दिन है, जिसे हम ‘महाअष्टमी’ के रूप में मनाते हैं. सुबह से ही मंदिरों में घंटियों की आवाज और ‘जय माता दी’ के जयकारों के साथ भक्तों का तांता लगा हुआ है. इस पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों को अपनी शुभकामनाएं भेजी हैं. पीएम ने मां महागौरी की महिमा का गुणगान करते हुए सभी के उत्तम स्वास्थ्य और सुख-शांति की प्रार्थना की है.

चरणों में कोटि-कोटि नमन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर मां महागौरी को नमन करते हुए लिखा, “मां महागौरी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम! उनकी दिव्य आभा हर किसी के जीवन में सुख-समृद्धि और आरोग्य लेकर आए.

पीएम मोदी ने आखिर में लिखा:

श्वेते वृषे समारूढा श्वेताम्बरधरा शुचिः.
महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा॥”

पवित्रता और शांति का प्रतीक मां का ये रूप

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में जिस संस्कृत श्लोक का जिक्र किया है, उसका अर्थ बहुत गहरा है. मां महागौरी का स्वरूप पूर्णतः गौर वर्ण (सफेद) है. वे सफेद वस्त्र धारण करती हैं और वृषभ (बैल) उनकी सवारी है. उन्हें शांति, ज्ञान और करुणा की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है.

मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए माता पार्वती ने जो कठोर तपस्या की थी, उससे उनका शरीर काला पड़ गया था. बाद में महादेव ने जब गंगा जल से उन्हें स्नान कराया, तो वे बिजली के समान दैदीप्यमान और श्वेत हो गईं, तभी से उन्हें ‘महागौरी’ कहा जाने लगा.

महाअष्टमी और कन्या पूजन का विशेष महत्व

आज के दिन का सबसे बड़ा आकर्षण ‘कन्या पूजन’ या ‘कंजक’ है. भारत के लगभग हर घर में आज छोटी बच्चियों को देवी का रूप मानकर उनके पैर धोए जाते हैं, उन्हें हलवा-पूरी और चने का भोग लगाया जाता है.

दिल्ली के झंडेवालान मंदिर से लेकर उत्तर प्रदेश के विंध्याचल धाम तक, हर जगह भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है. इस साल महाअष्टमी और महानवमी की तिथियों के संयोग ने इस पर्व को और भी खास बना दिया है.

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-भारत एक्सप्रेस



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