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Kerosene at Petrol Pumps: मिडिल ईस्ट में जारी भारी तनाव और समुद्री रास्तों में मची हलचल के बीच केंद्र सरकार ने देश के आम आदमी को बड़ी राहत देने के लिए ‘इमरजेंसी प्लान’ तैयार किया है. सरकार ने केरोसिन (मिट्टी का तेल) के नियमों में बड़ी ढील देते हुए इसे अब सीधे पेट्रोल पंपों के जरिए बांटने का फैसला किया है.
हर जिले में 2 पेट्रोल पंपों से मिलेगा Kerosene
सरकार ने घरेलू ईंधन की संभावित किल्लत को देखते हुए 60 दिनों की ‘इमरजेंसी सप्लाई’ का ऐलान किया है. इस नई व्यवस्था की सबसे खास बात ये है कि अब आपको मिट्टी के तेल के लिए सिर्फ कोटे की दुकानों के चक्कर नहीं काटने होंगे.
सरकार ने तय किया है कि हर जिले में दो चुनिंदा पेट्रोल पंपों को ‘केरोसिन सेंटर’ के रूप में नामित किया जाएगा. ये सुविधा मुख्य रूप से उन कमजोर वर्गों और परिवारों के लिए है जिन्हें खाना पकाने या रोशनी के लिए ईंधन की तत्काल जरूरत है.
बता दें कि देश के जिन 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पहले ‘केरोसिन-मुक्त’ घोषित कर दिया गया था, वहां भी अब अस्थायी रूप से केरोसिन का आवंटन शुरू किया जा रहा है.
क्यों पड़ी इसकी जरूरत?
दरअसल, ईरान और अमेरिका के बीच जारी खींचतान की वजह से ‘हॉर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) वाले समुद्री रास्ते पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. इसी रास्ते से भारत की LPG सप्लाई आती है. हालांकि, भारत ने अपनी तैयारी पूरी रखी है.
वहीं, भारतीय ध्वज वाले दो बड़े जहाज- BW TYR और BW ELM सफलतापूर्वक हॉर्मुज को पार कर चुके हैं. ये जहाज करीब 94,000 टन एलपीजी लेकर भारत आ रहे हैं. ‘BW TYR’ 31 मार्च तक मुंबई और ‘BW ELM’ 1 अप्रैल को न्यू मैंगलोर पोर्ट पहुंच जाएगा.
बता दें कि पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ किया है कि ये कदम केवल एहतियात के तौर पर उठाया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में आम जनता को चूल्हा जलाने में दिक्कत न हो. पेट्रोल पंपों पर केरोसिन उपलब्ध होने से वितरण की प्रक्रिया पारदर्शी और तेज होगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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