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केरल दौरे पर रील बनवा रहे हैं पीएम मोदी? जानें वायरल हो रहे ‘कोकोनट फोटो’ का सच

केरल विधानसभा चुनाव के बीच पीएम मोदी की हाथ में नारियल लिए एक तस्वीर वायरल हो रही है. लोग इसे फोटोशूट बताकर शेयर कर रहे हैं, लेकिन फैक्ट चेक में पता चला कि यह फोटो असली नहीं बल्कि गूगल एआई (AI) द्वारा बनाई गई है.

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केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए वोटिंग कल यानी 9 अप्रैल को हो चुकी है. वोटों की गिनती 4 मई को शुरू होगी. लेकिन इस चुनावी शोर के बीच एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. इस तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाथ में कुछ नारियल पकड़े नजर आ रहे हैं और उनके पास कई फोटोग्राफर्स खड़े हैं. दावा किया जा रहा है कि ये फोटो पीएम मोदी के हालिया केरल दौरे की है, जिसे विपक्षी और सोशल मीडिया यूजर्स तंज कसते हुए शेयर कर रहे हैं. हालांकि, जब हमने इस वायरल तस्वीर की पड़ताल की, तो सच्चाई कुछ और ही निकली.

सोशल मीडिया पर क्या हो रहा वायरल?

फेसबुक पर एक यूजर ने इस तस्वीर को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा कि पीएम रील बनवा रहे हैं और खुद को केरल का बता रहे हैं. इस पोस्ट के जरिए ये संदेश देने की कोशिश की गई कि प्रधानमंत्री चुनाव प्रचार के दौरान केवल फोटोशूट में व्यस्त हैं. देखते ही देखते ये फोटो हजारों लोगों तक पहुंच गई और लोग इसे सच मानकर तरह-तरह की प्रतिक्रिया देने लगे. चूंकि केरल का नाम आधिकारिक तौर पर बदलकर अब ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है, इसलिए इस नाम का इस्तेमाल भी वायरल पोस्ट में खूब किया जा रहा है.

जांच में सच आया सामने

इस तस्वीर की सच्चाई जानने के लिए हमने कई स्तरों पर जांच की. सबसे पहले गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स के जरिए सर्च किया गया कि क्या प्रधानमंत्री ने हाल में ऐसा कोई फोटोशूट कराया है, लेकिन किसी भी विश्वसनीय न्यूज एजेंसी या सरकारी वेबसाइट पर ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली. इसके बाद हमने इस फोटो को ‘SynthID’ डिटेक्टर टूल से चेक किया. आपको बता दें कि SynthID गूगल द्वारा बनाया गया एक ऐसा टूल है जो एआई से बनी तस्वीरों में एक अदृश्य ‘वॉटरमार्क’ यानी डिजिटल पहचान छोड़ देता है.

जांच में ये पुष्टि हुई कि इस फोटो में ‘SynthID’ मौजूद है, जिसका मतलब है कि इसे गूगल के एआई मॉडल से बनाया गया है. इसके अलावा, एक अन्य एआई डिटेक्शन टूल ‘हाइव मॉडरेशन’ ने भी इस तस्वीर को 99% एआई-जनरेटेड बताया. यानी ये साफ हो गया कि ये फोटो किसी कैमरे से नहीं खींची गई, बल्कि कंप्यूटर प्रोग्राम के जरिए बनाई गई है.

फर्जी तस्वीरों का खेल

इस मामले में बीजेपी के प्रवक्ता ने भी स्पष्ट किया है कि चुनाव के समय विपक्षी दलों और शरारती तत्वों द्वारा ऐसी फर्जी तस्वीरें साझा की जा रही हैं ताकि बीजेपी की छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके. उन्होंने कहा कि इससे पहले पीएम मोदी के असम दौरे को लेकर भी ऐसी ही एआई जनरेटेड तस्वीरें वायरल की गई थीं.

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-भारत एक्सप्रेस



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