US Iran War Update: पश्चिम एशिया में तनाव की चिंगारी अब एक भीषण आग का रूप लेती दिख रही है. एक तरफ जहां इस्लामाबाद वार्ता-टू पर सस्पेंस के बादल मंडरा रहे हैं, वहीं बुधवार शाम समाप्त हो रही युद्धविराम की समय सीमा ने दुनिया की धड़कनें बढ़ा दी हैं. ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान ने अमेरिका पर ‘धौंस’ जमाने का आरोप लगाकर इरादे साफ कर दिए हैं, तो दूसरी ओर राष्ट्रपति ट्रंप की समुद्री घेराबंदी ईरान की अर्थव्यवस्था को प्रतिदिन 4,200 करोड़ की चोट पहुंचा रही है. क्या कूटनीति इस जंग को रोक पाएगी या मध्य-पूर्व एक नए विनाश की ओर बढ़ रहा है?
ईरान का अमेरिका पर आरोप (us iran tension)
ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान ने अमेरिका पर धौंस जमाने वाला और गलत व्यवहार करने का आरोप लगाया है. पेजेशकियान ने अमेरिका पर युद्धविराम का उल्लंघन करने का भी आरोप लगाया. वे बोले कि अमेरिका ईरान को झुकाना चाहता है, पर ऐसा होगा नहीं. साथ ही उन्होंने कहा कि युद्ध जल्द खत्म हो, अब पुनर्निर्माण पर फोकस की जरूरत है.
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार से फोन पर बात की और अमेरिका पर युद्धविराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया. वहीं, पाकिस्तानी गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने ईरानी राजदूत रेजा अमीरी मोगद्दम से मुलाकात की है.
ट्रंप के कड़े रुख से ईरान को भारी नुकसान (us iran escalation)
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि ईरान के समझौते पर सहमति के बाद ही समुद्री घेराबंदी हटेगी. ट्रंप के मुताबिक, इस घेराबंदी से ईरान पूरी तरह तबाह हो रहा है. उन्होंने कहा कि ईरान को युद्ध से रोज 4200 करोड़ का नुकसान हो रहा है. अमेरिका ने 13 अप्रैल की नाकेबंदी के बाद 27 जहाजों को लौटाया है. ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान युद्ध मेरा फैसला है, इजरायल ने नहीं उकसाया.
लेबनान पर इजरायल का हमला
10 दिन के युद्धविराम (us iran peace talks) के बावजूद लेबनान पर इजरायल का हमला जारी है. लेबनान के नबातियेह में इजरायली हमले में 6 लोग घायल हुए हैं. लेबनान में इजरायली हमलों से अब तक 2 हजार 387 लोगों की मौत हो चुकी है और 7 हजार 602 लोग घायल हुए हैं.
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लेबनानी राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इजरायल के साथ बातचीत (TALK) के लिए नया प्रतिनिधि बनाया है. अमेरिका में लेबनान के पूर्व राजदूत सिमोन करम इजरायल से बातचीत के लिए नए प्रतिनिधि बने हैं. लेबनानी राष्ट्रपति ने बयान दिया है कि इजरायल के साथ वार्ता ईरान विवाद से अलग है. वहीं, इजरायल और लेबनान के बीच गुरुवार को वॉशिंगटन में बातचीत संभव है. इजरायल के पीएम नेतन्याहू ने फिर बयान दिया है कि ईरान मिशन का काम अभी खत्म नहीं हुआ है.
शांति के रास्ते पर दुनिया की निगाहें (us iran talks)
कुल मिलाकर, स्थिति बेहद नाजुक मोड़ पर है. जहां एक तरफ ईरान अपने हवाई अड्डों को बहाल कर सामान्य स्थिति की ओर लौटने की कोशिश कर रहा है, वहीं इजरायल और अमेरिका का कड़ा रुख किसी बड़े सैन्य एक्शन की ओर इशारा कर रहा है. रूस, चीन और फ्रांस जैसे वैश्विक खिलाड़ी तनाव कम करने की अपील तो कर रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है. अब सबकी निगाहें गुरुवार को वॉशिंगटन में होने वाली संभावित बातचीत और ट्रंप के अगले कदम पर टिकी हैं.
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