रिपोर्ट- प्रियंका कौशल
Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले से एक दिल को झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई है, जहां एक पति ने अपनी पत्नी के इलाज के लिए जो संघर्ष किया, वह मानवता और मजबूरी दोनों की कहानी बयान करता है. ग्राम नगवाही निवासी समलू मरकाम अपनी कैंसर पीड़ित पत्नी को इलाज दिलाने के लिए मोटरसाइकिल को ही स्ट्रेचर बनाकर सैकड़ों किलोमीटर दूर कवर्धा कलेक्ट्रेट पहुंचे, लेकिन वहां भी उन्हें निराशा हाथ लगी.
पत्नी को है थायराइड कैंसर
समलू मरकाम की पत्नी थायराइड कैंसर से पीड़ित हैं और लंबे समय से इलाज करा रही हैं. आर्थिक तंगी के कारण परिवार लगातार मुश्किलों का सामना कर रहा है. समलू का कहना है कि उन्होंने रायपुर समेत कई अस्पतालों में इलाज कराया, लेकिन पैसे खत्म होने के बाद इलाज जारी रखना उनके लिए असंभव हो गया. मजबूरी में उन्हें अपनी पत्नी को बाइक पर लेटाकर यात्रा करनी पड़ी.
मोटरसाइकिल को बनाया स्ट्रेचर
बताया जा रहा है कि समलू ने अपनी पत्नी को सुरक्षित रखने के लिए मोटरसाइकिल को इस तरह से तैयार किया कि वह उसे स्ट्रेचर की तरह उपयोग कर सकें. इसी हालत में वे कई किलोमीटर का सफर तय कर कवर्धा कलेक्ट्रेट पहुंचे, ताकि प्रशासन से मदद की गुहार लगा सकें.
कलेक्ट्रेट पहुंचकर समलू ने अधिकारियों से मिलने और अपनी समस्या रखने की कोशिश की, लेकिन उनकी मुलाकात कलेक्टर से नहीं हो सकी. काफी देर इंतजार करने के बाद भी जब कोई समाधान नहीं मिला तो वे निराश होकर अपनी पत्नी को लेकर वापस लौट गए.
सरकारी सहायता की जरूरत
इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण और गरीब परिवारों की स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच और आर्थिक तंगी की गंभीर स्थिति को उजागर किया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में त्वरित मदद और सरकारी सहायता की जरूरत होती है, ताकि किसी की जान इलाज के अभाव में न जाए. समलू मरकाम की यह कहानी न सिर्फ एक पति के समर्पण को दिखाती है, बल्कि व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है कि आखिर कब तक लोग इलाज के लिए इस तरह संघर्ष करते रहेंगे.
-भारत एक्सप्रेस
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