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Udaipur: दलित दुल्हन को घोड़ी से उतारने पर बवाल, बसपा ने कलेक्ट्रेट घेरा; सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग

उदयपुर के डबोक थाना क्षेत्र के हरियाव गांव में दलित दुल्हन को घोड़ी से उतारे जाने की घटना ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है.

उदयपुर जिले के डबोक थाना क्षेत्र के हरियाव गांव में दलित दुल्हन को घोड़ी से उतारे जाने की घटना अब सिर्फ एक स्थानीय मामला नहीं रह गई है, बल्कि यह राजनीतिक और सामाजिक बहस का बड़ा मुद्दा बन चुकी है. जैसे-जैसे यह मामला आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे लोगों का गुस्सा और नाराज़गी भी सामने आ रही है.

पूरा मामला 29 अप्रैल 2026 का बताया जा रहा है, जब एक विवाह समारोह के दौरान दलित समाज की दुल्हन पूजा भेघवाल को कथित तौर पर घोड़ी से नीचे उतार दिया गया. इस घटना के बाद गांव में माहौल तनावपूर्ण हो गया था. डबोक थाने में इस संबंध में एफआईआर नंबर 108/2026 भी दर्ज की गई है.

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि इस घटना में करीब 12 से 13 लोग शामिल थे, जिनमें कुछ महिलाएं भी बताई जा रही हैं. हालांकि पुलिस ने अब तक केवल चार आरोपियों को ही गिरफ्तार किया है, जबकि बाकी लोग अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं. इसी बात को लेकर पीड़ित पक्ष और सामाजिक संगठनों में नाराजगी बढ़ती जा रही है.

बसपा का विरोध और प्रशासन से सवाल

इस पूरे मामले को लेकर बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने खुलकर विरोध दर्ज कराया है. पार्टी नेताओं का कहना है कि यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति या परिवार के साथ अन्याय नहीं है, बल्कि यह समाज में आज भी मौजूद जातिवादी सोच को उजागर करती है.

BSP पदाधिकारियों और समाज के लोगों ने पहले नगर निगम परिसर में इकट्ठा होकर विरोध जताया. इसके बाद उन्होंने रैली निकाली और जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया. वहां उन्होंने राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपा.

निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग

ज्ञापन में साफ तौर पर कहा गया है कि पुलिस इस मामले में ढिलाई बरत रही है और सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया है. पार्टी ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और जितने भी लोग इस घटना में शामिल हैं, उन सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.

बसपा नेताओं ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. उनका कहना है कि आजादी के इतने साल बाद भी अगर ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, तो यह समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है.

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-भारत एक्सप्रेस



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