Money Laundering Case: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court ) ने अनिल अंबानी से जुड़े 40,000 करोड़ रुपये के कथित बैंक फ्रॉड मामले में सुनवाई जुलाई तक टाल दी है और जांच एजेंसियों को निष्पक्ष जांच पूरी करने का समय दिया है.अदालत ने स्पष्ट किया कि वह फिलहाल चार्जशीट दाखिल होने का इंतजार करेगी, वहीं प्रशांत भूषण ने अंबानी की गिरफ्तारी न होने पर सवाल उठाए और कपिल सिब्बल ने आरोपों पर बचाव की बात कही.
कोर्ट जुलाई में सुनवाई करेगा
दिग्गज कारोबारी अनिल अंबानी ने रिलायंस कम्युनिकेशन (आरकॉम) और अन्य समूह कंपनियों से जुड़े 40000 करोड़ रुपए से अधिक के कथित बैंक फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कोर्ट जुलाई में सुनवाई करेगा. सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि कोर्ट द्वारा इस मामले में ऐसा कोई आदेश पारित होता है, जिससे पूर्वाग्रह उत्पन्न होता है, तो आप संपर्क कर सकते है.
टेलीकॉम से जुड़े दो एफआईआर दर्ज
सीजेआई ने कहा कि चार्जशीट दाखिल करने दीजिए हम देखेंगे. मामले की सुनवाई के दौरान एजेंसी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि एसबीआई की शिकायत पर रिलायंस टेलीकॉम से जुड़े दो एफआईआर दर्ज किया गया है. अभी तक कुल 9 केस दर्ज हुआ है, जिनमें से 7 मामलों में जांच चल रही है और दो मामलों में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है.
इन 7 मामलों में करीब 27,337 करोड़ रुपये के नुकसान का आरोप है. मामले की जांच के लिए अधिकारियों की टीमें बनाई गई है.
करीब 3960 दस्तावेज बरामद किया
तलाशी अभियान चलाए गए हैं और करीब 3960 दस्तावेज बरामद किया गया है. इस मामले में आने वाले समय में कुछ और लोगों को गिरफ्तार किया जा सकता है. वही याचिकाकर्ता की ओर से पेश प्रशांत भूषण ने कोर्ट को बताया कि सीबीआई की चार्जशीट में बेहद गंभीर तथ्य सामने आए है.
उन्होंने आरोप लगाया कि यस बैंक के चेयरमैन की निजी कंपनियों और अनिल अंबानी समूह की कंपनियों के बीच संदिग्ध लेन देन हुआ, इसके बावजूद अनिल अंबानी और उनके बेटे को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया.
इंतजार करना उचित समझता है
भूषण ने कहा कि जांच एजेंसियां खुद उन्हें इस कथित घोटाले का “किंगपिन” बता रही है, उसके बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है. इसपर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि कोर्ट चार्जशीट की जांच या उसका मूल्यांकन नहीं कर सकता है. हालांकि कोर्ट ने माना कि पहले कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद ही जांच एजेंसियां सक्रिय हुई थी.
सीजेआई सूर्यकांत ने यह भी कहा कि अगर जांच में कोई कमी पाई जाती है तो कोर्ट हस्तक्षेप कर सकता है. कोर्ट ने कहा कि अभी एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार वह इंतजार करना उचित समझता है और चार्जशीट दाखिल होने के बाद संबंधित पक्ष अपना जवाब दे सकते है.
जांच एजेंसियां तार्किक निष्कर्ष पर पहुचेगी
वही सुनवाई के दौरान अनिल अंबानी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा मुझे लगता है कि हमें कुछ नहीं कहना चाहिए. उन्होंने कहा कि हमें बहुत दुख हुआ है कि अभी तक संज्ञान नहीं लिया गया है. उन्होंने सवाल उठाते हुए पूछा कि मेरे मित्र प्रशांत भूषण के पास चार्जशीट कैसे आया? अगर चार्जशीट दाखिल होता है तो मैं अपना बचाव करूंगा. उन्होंने कहा कि मैंने कभी भी अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर नहीं की है.
उन्होंने कहा कि मेरे भागने की कोई आशंका नहीं है. मैंने सुप्रीम कोर्ट को आश्वाशन दिया है. सिब्बल ने कहा 6 वरिष्ठ अधिकारियों ने शायद मुझे धोखा दिया है. सीजेआई ने कहा कि हमें भरोसा है कि जांच एजेंसियां तार्किक निष्कर्ष पर पहुचेगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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