Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

‘महिलाएं सिर्फ लाभार्थी नहीं, देश की लीडर…’ 12 साल पूरे होने पर पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए सरकार के 12 साल पूरे होने पर ‘महिला-प्रधान विकास’ की जमकर सराहना की है. पीएम मोदी ने बताया कि जन धन खातों, मुद्रा लोन, लखपति दीदी और ड्रोन दीदी जैसी योजनाओं के जरिए देश की महिलाओं को वित्तीय आजादी मिली है.

PM Modi Hails Women Led Development On 12 Years Of NDA Govt

केंद्र की एनडीए (NDA) सरकार के सफल 12 वर्ष पूरे होने के खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की तरक्की में ‘नारी शक्ति’ के अभूतपूर्व योगदान को नमन किया है. आज (12 जून) सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 12 सालों में सरकार ने सिर्फ महिलाओं का विकास नहीं किया, बल्कि ‘महिला-प्रधान विकास’ (Women-Led Development) को देश की मुख्यधारा नीति बनाया है. इसी का नतीजा है कि आज देश की आधी आबादी आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक मोर्चे पर देश का नेतृत्व कर रही है.

ड्रोन दीदी और लखपति दीदी से आई वित्तीय आजादी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बदलने में स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की भूमिका की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि इन समूहों को मिलने वाले सरकारी समर्थन से आज गांवों की लाखों महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनकर अपने पैरों पर खड़ी हो चुकी हैं.

यही नहीं, ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसे बिल्कुल नए और आधुनिक क्षेत्रों में भी महिलाओं की एंट्री हो चुकी है. ‘नमो ड्रोन दीदी’ जैसी योजनाओं के जरिए महिलाएं अब खेतों में ड्रोन उड़ाकर खेती-किसानी को आधुनिक बना रही हैं, जिसने पूरे देश के विकास परिदृश्य को ही बदलकर रख दिया है.

जन धन खातों से लेकर स्पेस मिशन तक बेटियों का जलवा

पीएम मोदी ने विज्ञान, अंतरिक्ष और इनोवेशन जैसे मुश्किल क्षेत्रों में भारत की बेटियों की सफलताओं पर विशेष प्रसन्नता जाहिर की. उन्होंने कहा कि आज शासन-प्रशासन हो, खेल का मैदान हो या फिर सशस्त्र बल (सेना), हर जगह महिलाएं अग्रिम पंक्ति में खड़ी हैं.

12 वर्षों बड़ी उपलब्धियां:

  • वित्तीय समावेशन: जन धन खातों और बिना गारंटी वाले मुद्रा लोन के जरिए करोड़ों महिलाओं को पहली बार अपनी खुद की पूंजी और नया बिजनेस शुरू करने की आजादी मिली.
  • शिक्षा और सेहत: ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान से बालिकाओं के ड्राप-आउट रेट में भारी कमी आई, जबकि ‘उज्ज्वला योजना’ के तहत मिले गैस सिलेंडरों ने माताओं-बहनों को धुएं की जानलेवा बीमारी से मुक्ति दिलाई.
  • समान अवसर और सम्मान: सेना में स्थायी कमीशन से लेकर अंतरिक्ष मिशनों के नेतृत्व तक, आज हर भारतीय बेटी के पास अपनी पूरी क्षमता का उपयोग करने के समान अवसर मौजूद हैं.

ये भी पढ़ें: ‘नारी ही तीनों लोकों का आधार…’ पीएम मोदी ने बताया कैसे बीते 12 साल में आत्मनिर्भर बनीं भारत की बेटियां

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital