Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

क्या भोजपुर एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी की शवयात्रा में उमड़ी थी इतनी भारी भीड़? जानें वायरल वीडियो का सच

बिहार के भोजपुर में भरत तिवारी के कथित फर्जी एनकाउंटर के बाद सोशल मीडिया पर उनकी अंतिम यात्रा के नाम पर दो वीडियो वायरल हो रहे हैं. फैक्ट-चेक में दोनों वीडियो फर्जी साबित हुए हैं. इनमें से एक वीडियो राजस्थान के पाली में एक पत्रकार की अंतिम यात्रा का है.

Fact Check Viral Videos Of Bharat Tiwari Funeral From Bhojpur Are Fake

Fact Check: बिहार के भोजपुर में 17 जून को हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले ने राज्य की सियासत में भूचाल ला दिया है. पुलिस जहां इसे आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई बता रही है, वहीं परिजन और स्थानीय लोग इसे ‘फर्जी एनकाउंटर’ करार देकर सड़क पर उतर आए हैं. यह मामला मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के लिए भी एक बड़ा सिरदर्द बन चुका है और इसकी न्यायिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं.

इस भारी तनाव और गुस्से के बीच सोशल मीडिया पर दो अलग-अलग वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो भरत तिवारी की अंतिम यात्रा के हैं, जिसमें उमड़ी हजारों की भीड़ पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ जनता का आक्रोश बयां कर रही है. लेकिन जब इस दावे की हकीकत खंगाली गई, तो दोनों ही वीडियो पूरी तरह भ्रामक और फर्जी निकले.

पहला वीडियो: बिहार का नहीं, राजस्थान के पत्रकार की अंतिम यात्रा का है

वायरल हो रहे पहले वीडियो में कुछ लोग अर्थी ले जाते दिख रहे हैं और पीछे सैकड़ों लोगों का हुजूम है. इंटरनेट पर लोग लिख रहे हैं, ‘भरत तिवारी की अंतिम यात्रा की भीड़ बता रही है कि उसका एनकाउंटर कितना गलत था.’ इस वीडियो की पड़ताल करने पर पता चला कि इसका बिहार से कोई लेना-देना ही नहीं है. ये वीडियो असल में राजस्थान के पाली जिले के निमाज कस्बे का है. मार्च महीने में वहां के एक स्थानीय पत्रकार गोविंद सेन का निधन हो गया था. ये भीड़ उन्हीं के अंतिम संस्कार की थी. इस वीडियो को एक इंस्टाग्राम पेज चलाने वाले हनुमान गहलोत ने खुद रिकॉर्ड किया था, जिन्होंने पुष्टि की है कि इसे गलत दावों के साथ फैलाया जा रहा है.

दूसरा वीडियो: एनकाउंटर की तारीख से पहले ही इंटरनेट पर था मौजूद

एक और वीडियो ग्रामीण इलाके का वायरल हो रहा है, जिसमें श्मशान घाट पर भारी भीड़ दिख रही है. इसे शेयर करते हुए लिखा गया, ‘श्मशान की भीड़ बता रही है कि इंसान ने क्या कमाया, भरत तिवारी की हत्या भ्रष्ट नेताओं के इशारे पर हुई है.’

लेकिन जब इस वीडियो के की-फ्रेम्स को रिवर्स सर्च किया गया, तो सच सामने आ गया. ये वीडियो इंटरनेट पर 4 जून से ही मौजूद है, जबकि भरत तिवारी का एनकाउंटर 17 जून को हुआ था. यानी घटना से करीब दो हफ्ते पहले का वीडियो उठाकर इस मामले से जोड़ दिया गया.

भोजपुर एनकाउंटर को लेकर ग्रामीणों में गुस्सा जरूर है और उन्होंने शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन भी किया था, लेकिन सोशल मीडिया पर जो दो वीडियो ‘अंतिम यात्रा’ के नाम पर वायरल हो रहे हैं, उनका इस घटना से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है.

ये भी पढ़ें: उम्रकैद की सजा मिलने के बाद मध्य प्रदेश के ‘गौरक्षकों’ को पकड़ रही है पुलिस? जानें वायरल वीडियो का सच

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital