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उम्रकैद की सजा मिलने के बाद मध्य प्रदेश के ‘गौरक्षकों’ को पकड़ रही है पुलिस? जानें वायरल वीडियो का सच

सोशल मीडिया पर पुलिस द्वारा कुछ युवकों को हिरासत में लेने का वीडियो मध्य प्रदेश के उन 14 गौरक्षकों का बताकर वायरल किया जा रहा है, जिन्हें कोर्ट ने उम्रकैद की सजा दी है. फैक्ट-चेक जांच में ये दावा पूरी तरह फर्जी निकला.

Fact Check Viral Video of Police Action Is From Rajasthan Not MP Cow Vigilantes

Fact Check: सोशल मीडिया पर आए दिन किसी न किसी पुरानी या असंबंधित घटना का वीडियो उठाकर उसे नया राजनीतिक या धार्मिक रंग देकर वायरल कर दिया जाता है. ऐसा ही एक वीडियो इन दिनों इंटरनेट पर तेजी से घूम रहा है, जिसमें पुलिस भारी भीड़ के बीच कुछ युवकों को हिरासत में लेती दिख रही है. वीडियो में एक लड़के को कॉलर से पकड़कर जबरन पुलिस की गाड़ी में बैठाया जा रहा है. सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो मध्य प्रदेश का है और इसमें नजर आ रहे लोग वही ‘गौरक्षक’ हैं, जिन्हें हाल ही में कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है.

क्या है मामला?

दरअसल, मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले की एक कोर्ट ने साल 2022 के मॉब लिंचिंग मामले में 14 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी. अब इसी घटना से जोड़कर इस वीडियो को एक्स (X) पर शेयर किया जा रहा है. लोग लिख रहे हैं कि वोट बैंक की राजनीति के कारण इन गौरक्षकों को जेल भेजा जा रहा है.

जांच में खुला राज

वायरल वीडियो को ध्यान से देखने पर उसमें एक इंस्टाग्राम हैंडल दिखाई देता है. सर्च करने पर पता चला कि ये विजयपाल कूड़ी नाम के एक छात्र नेता का अकाउंट है, जो कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई (NSUI) से जुड़े हैं.

विजयपाल ने खुद ये वीडियो इसी साल 3 अप्रैल को इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया था. असल में ये वीडियो राजस्थान विश्वविद्यालय (जयपुर) का है. वहाँ यूनिवर्सिटी कैंपस में ‘मरुधरा नारी संगठन’ के बैनर तले महिला सशक्तिकरण पर एक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था.

NSUI के कार्यकर्ताओं ने ये आरोप लगाते हुए इस कार्यक्रम का जमकर विरोध किया था कि ये RSS समर्थित है और इसके जरिए एक खास विचारधारा को बढ़ावा दिया जा रहा है. इसी विरोध प्रदर्शन के दौरान हंगामा बढ़ने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया था और कई छात्रों को हिरासत में लिया था. खुद विजयपाल कूड़ी ने भी इस बात की पुष्टि की है कि वीडियो राजस्थान का है.

इस जांत में साफ हो गया है कि राजस्थान में छात्र राजनीति और प्रदर्शन के दौरान पुलिसिया कार्रवाई के वीडियो को मध्य प्रदेश का बताकर गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है. इस वीडियो का गौरक्षकों या मध्य प्रदेश के कोर्ट के फैसले से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है.

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-भारत एक्सप्रेस



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