Indian Railways: उत्तर प्रदेश के पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर गुरुवार को एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया. दून एक्सप्रेस में चढ़ने की जल्दबाजी एक 56 वर्षीय महिला के लिए जानलेवा साबित हो सकती थी, लेकिन लोको पायलट की सूझबूझ और यात्रियों की सतर्कता ने समय रहते उसकी जान बचा ली.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दून एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म नंबर-3 से रवाना हो चुकी थी. इसी दौरान महिला ने चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश की. ट्रेन की रफ्तार बढ़ने के बीच उसका संतुलन बिगड़ गया और वह प्लेटफॉर्म और कोच के बीच बने गैप में जा गिरी. यह देखकर वहां मौजूद यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई और लोगों ने तुरंत शोर मचाकर लोको पायलट को सतर्क किया.
यात्रियों की सतर्कता से बची जान
यात्रियों की आवाज सुनते ही लोको पायलट ने बिना देर किए इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए. ट्रेन रुकते ही मौके पर मौजूद लोगों ने महिला को सुरक्षित बाहर निकाला. अगर कुछ सेकंड की भी देरी होती तो बड़ा हादसा हो सकता था. हादसे में महिला के पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं. घटना की जानकारी मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची और घायल महिला को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया.
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रेलवे ने यात्रियों से की अपील
घटना के बाद रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की कि कभी भी चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने की कोशिश न करें. थोड़ी सी जल्दबाजी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है. अधिकारियों ने कहा कि अगर ट्रेन छूट जाए तो अगली ट्रेन का इंतजार करना ज्यादा सुरक्षित है.
स्टेशन पर मौजूद लोगों ने भी लोको पायलट की त्वरित कार्रवाई की सराहना की. उनकी सतर्कता और सही समय पर लिए गए फैसले की वजह से एक महिला की जान बच गई और एक बड़ा रेल हादसा टल गया.
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-भारत एक्सप्रेस
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