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चीन का नया मोहरा बना पाकिस्तान; मिडिल ईस्ट में एंट्री के लिए ड्रैगन ने चली 4 अरब डॉलर की खतरनाक चाल

अमेरिकी थिंक टैंक ‘मिडिल ईस्ट फोरम’ की रिपोर्ट के अनुसार, चीन अब पाकिस्तान के जरिए पश्चिम एशिया में अपना दबदबा बढ़ा रहा है. पाकिस्तान और लीबिया के बीच होने वाली 4 अरब डॉलर की जेएफ-17 फाइटर जेट डील के पीछे चीन का हाथ है.

China Using Pakistan As Pawn To Enter Middle East Defense Market.

China Using Pakistan As Pawn: चीन अब सिर्फ खुद हथियार नहीं बेच रहा, बल्कि पाकिस्तान को अपना मोहरा बनाकर पश्चिम एशिया के देशों में घुसपैठ की कोशिश कर रहा है. अमेरिका के मशहूर थिंक टैंक ‘मिडिल ईस्ट फोरम’ की एक ताजा रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान और लीबियाई नेशनल आर्मी के बीच होने वाला 4 अरब डॉलर यानी की करीब 33 हजार करोड़ रुपये से अधिक का रक्षा सौदा असल में चीन का ही मास्टरप्लान है.

पाकिस्तान सिर्फ चेहरा

इस रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान और लीबिया के बीच 16 JF-17 Thunder लड़ाकू विमानों, ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट और अन्य आधुनिक हथियारों को लेकर एक बड़ी डील होने जा रही है. कहने को तो यह डील पाकिस्तान कर रहा है, लेकिन सब जानते हैं कि जेएफ-17 विमान चीन और पाकिस्तान ने मिलकर बनाया है और इसकी असली तकनीक चीन की है.

वहीं, रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस सौदे के जरिए चीन, लीबिया पर लगे संयुक्त राष्ट्र के हथियार प्रतिबंधों को ठेंगा दिखाना चाहता है, जिससे उस पूरे क्षेत्र का सैन्य संतुलन बिगड़ सकता है.

चीनी हथियारों का ‘गोदाम’ बना पाकिस्तान

स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) के आंकड़े बताते हैं कि साल 2021 से 2024 के बीच पाकिस्तान ने अपने 80 फीसदी से ज्यादा हथियार सिर्फ चीन से खरीदे हैं. हालांकि, पाकिस्तान आज भी अमेरिका के F-16 विमानों का इस्तेमाल करता है, लेकिन उसकी पूरी सेना अब चीनी हथियारों पर निर्भर हो चुकी है. अब चीन के ही इशारे पर पाकिस्तान इंटरनेशनल मार्केट में चीनी तकनीक वाले ड्रोन, HQ-9 एयर डिफेंस सिस्टम और JF-17 विमानों की मार्केटिंग कर रहा है.

इन मुस्लिम देशों पर है नजर

रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान ने इराक, सऊदी अरब, बांग्लादेश, मोरक्को, नाइजीरिया और सूडान जैसे देशों के साथ रक्षा सौदों को लेकर बातचीत तेज कर दी है. उदाहरण के लिए, सऊदी अरब के साथ बातचीत चल रही है कि पाकिस्तान उन्हें जेएफ-17 विमान देगा और बदले में वित्तीय मदद हासिल करेगा.

अमेरिकी थिंक टैंक का साफ कहना है कि चीन खुद सीधे सामने न आकर पाकिस्तान को पश्चिम एशिया के रक्षा बाजार में एंट्री करने के लिए एक ‘गेटवे’ की तरह इस्तेमाल कर रहा है, जो आने वाले दिनों में अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए बड़ा सिरदर्द बन सकता है.

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-भारत एक्सप्रेस



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