Ajmer UCC Hearing:अजमेर/नतांश: राजस्थान में समान नागरिक संहिता (UCC) का कानून बनाने और उसका ड्राफ्ट तैयार करने की कवायद तेज हो गई है. इसी सिलसिले में अजमेर के जिला कलेक्ट्रेट सभागार में एक दिवसीय संभाग स्तरीय जनसुनवाई और बैठक का आयोजन किया गया. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यूसीसी कानून का मसौदा तैयार करने से पहले समाज के सभी वर्गों, धर्मों और संगठनों की राय जानना था.
राजस्थान सरकार ने यूसीसी (UCC) का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए अजमेर में एक संभाग स्तरीय बैठक की. इसमें विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों से सुझाव और आपत्तियां ली गईं. बैठक में शामिल हुए अजमेर दरगाह दीवान के उत्तराधिकारी सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने इस चर्चा का स्वागत किया और मांग की कि नए कानून से किसी भी धर्म की परंपराओं और आस्था को ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए.
यूसीसी ड्राफ्ट कमेटी के सदस्य रहे मौजूद (Rajasthan Uniform Civil Code)
इस महत्वपूर्ण बैठक में यूसीसी ड्राफ्ट कमेटी के सदस्य बसंत सिंह छाबा और संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़ मौजूद रहे. उनके साथ ही विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया. बैठक के दौरान कमेटी ने कानून के प्रारूप को लेकर लोगों से उनके सुझाव और आपत्तियां मांगी, ताकि एक ऐसा ड्राफ्ट तैयार किया जा सके जिसमें सभी पक्षों की बातों का ध्यान रखा गया हो.
सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने इस सरकारी कदम की तारीफ की (Ajmer Dargah Dewan)
बैठक में शामिल होने पहुंचे अजमेर दरगाह दीवान के उत्तराधिकारी सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने सरकार के इस कदम की तारीफ की. उन्होंने कहा कि कानून बनाने से पहले सभी समुदायों से बातचीत करना एक अच्छा फैसला है. इसके साथ ही उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि यूसीसी के तहत किसी भी धर्म की धार्मिक परंपराओं, रीति-रिवाजों और आस्था से खिलवाड़ नहीं होना चाहिए. कानून ऐसा होना चाहिए जो सभी की भावनाओं का आदर करे और सबको समानता का अधिकार दे.
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-भारत एक्सप्रेस
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