Bharat Express DD Free Dish

2019 के बाद फिर हरकत, क्या गिलगित-बाल्टिस्तान सच में बन जाएगा पाकिस्तान का हिस्सा?

Pakistan Gilgit Baltistan Province: पाकिस्तान ने गिलगित‑बाल्टिस्तान को पांचवां प्रांत बनाने का प्रस्ताव पास कर दिया है.

Pakistan Gilgit Baltistan Province: पाकिस्तान ने एक बार फिर गिलगित-बाल्टिस्तान को लेकर विवाद खड़ा कर दिया है. इस कब्जे वाले क्षेत्र की विधानसभा ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर इसे देश का पांचवां प्रांत बनाने की मांग की है.

संसद में जाएगा प्रस्ताव

अब यह प्रस्ताव पाकिस्तान की संसद के पास भेजा जाएगा. अगर संसद संविधान संशोधन को मंजूरी देती है तो गिलगित-बाल्टिस्तान को औपचारिक रूप से पाकिस्तान का प्रांत घोषित करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. साथ ही इस क्षेत्र को नेशनल असेंबली और सीनेट में प्रतिनिधित्व देने की भी मांग की गई है.

आंतरिक संकट से ध्यान हटाने की कोशिश

यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब पाकिस्तान बलूचिस्तान में हिंसा और खैबर पख्तूनख्वा में विद्रोह जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है. राजनीतिक जानकारों का कहना है कि सरकार और सेना इस विवादित कदम से आंतरिक संकट से ध्यान हटाने और कब्जे वाले क्षेत्र पर दावा मजबूत करने की कोशिश कर रही हैं.

चुनाव के बाद बदला समीकरण

7 जून को हुए गिलगित-बाल्टिस्तान विधानसभा चुनाव में धांधली के आरोपों के बीच पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) सबसे बड़ी पार्टी बनी. किसी दल को बहुमत न मिलने पर PPP और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) ने गठबंधन किया. सत्ता साझेदारी के तहत मुख्यमंत्री और स्पीकर का पद PPP को मिला, जबकि गवर्नर और डिप्टी स्पीकर का पद PML-N को दिया गया. इसके बाद ही विधानसभा ने पांचवां प्रांत बनाने का प्रस्ताव पास किया.

मौजूदा संवैधानिक स्थिति

फिलहाल पाकिस्तान के संविधान में पंजाब, सिंध, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा ही आधिकारिक प्रांत हैं. गिलगित-बाल्टिस्तान अब तक सीमित स्वायत्त व्यवस्था के तहत चलता रहा है. नया प्रस्ताव इसे संविधान में शामिल करने की दिशा में पहला बड़ा कदम माना जा रहा है.

2019 से जुड़ी योजना

भारत द्वारा अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 और 35A हटाने के बाद पाकिस्तान ने पहली बार गिलगित-बाल्टिस्तान को प्रांत बनाने की योजना सार्वजनिक की थी. हालांकि उस समय इमरान खान सरकार इसे लागू नहीं कर सकी थी. अब शहबाज शरीफ सरकार इस दिशा में आगे बढ़ती दिख रही है.

ये भी पढ़ें-भारत के चाबहार पोर्ट पर अमेरिकी हमला? युएस रक्षा मंत्री ने शेयर की तस्वीर; जानें क्या होगा असर?

भारत का रुख

भारत लगातार यह कहता आया है कि जम्मू-कश्मीर का पूरा क्षेत्र, जिसमें गिलगित-बाल्टिस्तान भी शामिल है, भारत का अभिन्न हिस्सा है. भारत पाकिस्तान के ऐसे किसी भी एकतरफा कदम को न तो मान्यता देता है और न ही कानूनी वैधता स्वीकार करता है. भारत पहले भी इस मुद्दे पर पाकिस्तान के कदमों का विरोध दर्ज करा चुका है.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read