Sonam Wangchuk Hunger Strike: देश की राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक धरना स्थल जंतर-मंतर से इस वक्त की एक बेहद बड़ी खबर सामने आ रही है. नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर पिछले 20 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे मशहूर पर्यावरणविद सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस आज सुबह-सुबह धरना स्थल से अस्पताल ले गई है. बताया जा रहा है कि उनकी तबीयत काफी गंभीर स्तिथि में पहुंच चुकी थी जिसके लिए उनको अस्पताल में भर्ती कराना आवश्यक हो गया था.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुबह तड़के ही जंतर-मंतर पर भारी संख्या में दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों ने अचानक धावा बोल दिया, जिसके बाद पूरे प्रदर्शन स्थल को छावनी में तब्दील कर दिया गया. पुलिस की इस अचानक हुई बड़ी कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी अफरातफरी और तनाव की स्थिति पैदा हो गई.
#WATCH | Delhi: Activist Sonam Wangchuk, who was sitting on a hunger strike from last 20 days at Jantar Mantar, taken to the hospital by the police.
More details awaited. pic.twitter.com/81DTO3cyh4
— ANI (@ANI) July 18, 2026
लगातार बिगड़ती सेहत के बाद पुलिस का एक्शन(Sonam Wangchuk Hunger Strike)
पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, सोनम वांगचुक पिछले करीब तीन हफ्तों से बिना कुछ खाए-पिए कड़े अनशन पर थे, जिसके चलते उनकी सेहत लगातार बेहद चिंताजनक रूप से बिगड़ती जा रही थी. डॉक्टरों की निगरानी के बीच यह बात भी सामने आई थी कि अनशन के कारण उनका वजन 9 किलो से भी ज्यादा घट चुका था और उनके शरीर के कई महत्वपूर्ण अंग प्रभावित होने की कगार पर थे.
इसी मेडिकल इमरजेंसी और कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए दिल्ली पुलिस की टीम ने सुबह-सुबह जंतर-मंतर पर घेराबंदी की और सोनम वांगचुक को जबरन एम्बुलेंस में बैठाकर नजदीकी सरकारी अस्पताल ले गई, जहाँ डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनके स्वास्थ्य की सघन जांच और इलाज में जुट गई है.
DCP New Delhi tweets, “As per orders of Hon’ble High Court and on expert medical advise due to the deteriorating health condition of Sonam Wangchuk, he has been shifted to the hospital for essential medical care…Police took maximum restrain and undertook the exercise safely. We… pic.twitter.com/bJYJcYl1uj
— ANI (@ANI) July 18, 2026
जंतर-मंतर को पूरी तरह किया गया खाली
बता दें कि पुलिस का यह कड़ा एक्शन सिर्फ सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk Hunger Strike) को अस्पताल ले जाने तक ही सीमित नहीं रहा. जैसे ही पुलिस ने वांगचुक को उठाया, वहां मौजूद सैकड़ों समर्थकों और प्रदर्शनकारियों ने पुलिसिया कार्रवाई का पुरजोर विरोध करना शुरू कर दिया और नारेबाजी तेज कर दी. माहौल बिगड़ता देख दिल्ली पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया और धरना स्थल पर मौजूद सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेते हुए या जबरन खदेड़ते हुए जंतर-मंतर को पूरी तरह से खाली करा दिया.
वहीं प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रशासन लोकतांत्रिक तरीके से चल रहे एक शांतिपूर्ण आंदोलन को कुचलने की कोशिश कर रहा है, जबकि पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई है.
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-भारत एक्सप्रेस
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