Sawan Shiv Puja Shani Dosh
Sawan Shiv Puja Shani Dosh: सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है. इस दौरान लाखों श्रद्धालु व्रत रखते हैं, शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हैं और भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन में भगवान शिव की सच्चे मन से पूजा करने से जीवन की कई परेशानियां दूर हो सकती हैं. इन्हीं मान्यताओं में एक यह भी है कि शिव आराधना से शनि दोष के प्रभाव को कम करने में मदद मिलती है.
क्या कहती है धार्मिक मान्यता?
पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान शिव को न्याय और कर्म के देवता शनि देव भी अत्यंत सम्मान देते हैं. मान्यता है कि जो व्यक्ति शिवजी की भक्ति करता है, उस पर शनि देव की विशेष कृपा बनी रहती है. यही कारण है कि जिन लोगों की कुंडली में साढ़ेसाती, ढैय्या या शनि से जुड़ी अन्य ज्योतिषीय स्थितियों को चुनौतीपूर्ण माना जाता है, वे सावन में विशेष रूप से भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं.
हालांकि, यह धार्मिक आस्था का विषय है और इसे वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जाता.
सावन में कैसे करें भगवान शिव की पूजा?
धार्मिक परंपराओं के अनुसार, सुबह स्नान के बाद शिवलिंग पर जल, गंगाजल, दूध और बेलपत्र अर्पित किए जाते हैं. इसके साथ ही ‘ॐ नमः शिवाय’ और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है. श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और क्षमता के अनुसार व्रत रखकर भी भगवान शिव की आराधना करते हैं.
शनि के अशुभ प्रभाव को कम करने की कामना
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शनि के अशुभ प्रभाव को कम करने की कामना से कई श्रद्धालु सावन के सोमवार का व्रत रखते हैं. कुछ लोग जरूरतमंदों को दान, पीपल के वृक्ष की सेवा और शिव मंदिर में रुद्राभिषेक भी कराते हैं. इन उपायों को श्रद्धा और विश्वास से जोड़ा जाता है.
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सावन में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इससे शनि दोष के प्रभाव को कम करने की प्रार्थना की जाती है और मानसिक शांति का अनुभव भी हो सकता है.
भारत एक्सप्रेस
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