CJP Protest Violence: देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर एक बार फिर जंग का मैदान बन गया. CJP के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान पुलिस के रोकने पर हालात बेकाबू हो गए. प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली पुलिस को लाठीचार्ज करने के साथ-साथ आंसू गैस के गोले भी दागने पड़े. इसके बाद गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों पर भारी पथराव शुरू कर दिया, जिसमें दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के 50 से अधिक जवान गंभीर रूप से घायल हो गए हैं.
CCTV से होगी उपद्रवियों की पहचान
इस हिंसक झड़प के बाद दिल्ली पुलिस ने उपद्रवियों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है. पुलिस ने इस पूरे बवाल को लेकर अलग-अलग थानों में कई एफआईआर (FIR) दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इसके साथ ही, तोड़फोड़ और पथराव करने वाले अराजक तत्वों की धरपकड़ के लिए एक व्यापक अभियान भी छेड़ा गया है.
सूत्रों के अनुसार, पुलिस अब घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है. साथ ही, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की मदद से भी एक-एक उपद्रवी की पहचान की जा रही है. पुलिस का कहना है कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और कानून हाथ में लेने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा.
CJP प्रदर्शनकारियों का आरोप
प्रोटेस्टर्स का दावा है कि वो शांतिपूर्वक संसद चला मार्च निकाल रहे थे, लेकिन पुलिस ने बिना किसी उकसावे के ही छात्रों और समर्थकों पर लाठीचार्ज किया. इसके साथ ही उन्होंने आंसू गैस के गोले भी छोड़े.
कई प्रदर्शनकारी हिरासत में
हंगामे के दौरान मुस्तैद पुलिस बल ने स्थिति पर काबू पाते हुए मौके से कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है. संसद सत्र के मद्देनजर नई दिल्ली इलाके और संसद भवन के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को पहले से कहीं ज्यादा कड़ा कर दिया गया है. खुफिया एजेंसियां भी स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं ताकि दोबारा ऐसी कोई अप्रिय घटना न हो सके.
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-भारत एक्सप्रेस
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