Congress Protest
Congress Protest: NEET पेपर लीक को लेकर शुरू हुआ छात्रों का आंदोलन अब पूरी तरह सियासी रंग ले चुका है. जंतर-मंतर से शुरू हुआ विरोध अब प्रधानमंत्री आवास तक पहुंच गया है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी दो मुख्यमंत्रियों ,कई सांसदों और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ प्रधानमंत्री आवास के निकट धरना देकर इस मुद्दे को राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में ला दिया.
राहुल गांधी का यह कदम इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि प्रधानमंत्री आवास का इलाका देश के सबसे संवेदनशील सुरक्षा क्षेत्रों में शामिल है. संसद सत्र के दौरान यहां सुरक्षा व्यवस्था और भी कड़ी रहती है तथा पूरे क्षेत्र में बीएनएस की धारा-163 लागू है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही उठा कि आखिर राहुल गांधी और कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल वहां तक कैसे पहुंचा?
अचानक बना विरोध का प्लान
सूत्रों के मुताबिक, संसद की कार्यवाही स्थगित होने के बाद राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पहुंचे. संयोग से उसी दिन खरगे का जन्मदिन था, लेकिन छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में उन्होंने जन्मदिन का कोई कार्यक्रम नहीं मनाया और केक काटने से भी इनकार कर दिया.
इसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने सांसद और नेताओं से प्रधानमंत्री आवास की तरफ कुछ करने के लिए आग्रह किया, इसके बाद कांग्रेस नेताओं का छोटा प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री आवास की ओर रवाना हुआ.
राहुल गांधी के साथ मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और केरला के CM वी.डी. सतीशन सहित कई सांसद मौजूद थे. कांग्रेस ने इस कार्यक्रम की जानकारी पहले से सार्वजनिक नहीं की थी. मीडिया को भी इसकी पूर्व सूचना नहीं थी, इसलिए यह प्रदर्शन पूरी तरह अचानक हुआ.
प्रधानमंत्री आवास के पास पहुंचने के बाद राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं ने करीब दो घंटे तक धरना दिया. इस दौरान पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उनसे बातचीत करते रहे और स्थिति को सामान्य बनाने की कोशिश करते दिखाई दिए.
आखिर क्या है कांग्रेस की मांग?
कांग्रेस का कहना है कि NEET पेपर लीक केवल परीक्षा का मामला नहीं, बल्कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है. पार्टी की मांग है कि प्रधानमंत्री संसद के दोनों सदनों में इस विषय पर बयान दें और पूरे मामले पर विस्तृत चर्चा कराई जाए.
इसके अलावा कांग्रेस केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है. पार्टी का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में गंभीर खामियां सामने आई हैं, जिनकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए. साथ ही, छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की जा रही है.
राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर भी सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार संसद में NEET पेपर लीक जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा से बच रही है. उनका कहना है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मामले पर खुली बहस और जवाबदेही जरूरी है.
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छात्र आंदोलन से बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना NEET
अब तक जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन को विभिन्न छात्र संगठनों के साथ आम आदमी पार्टी और समाजवादी पार्टी का समर्थन मिल रहा था. लेकिन राहुल गांधी के प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने के बाद कांग्रेस भी इस आंदोलन के केंद्र में आ गई है.
इसके साथ ही NEET पेपर लीक का मुद्दा अब केवल परीक्षा में गड़बड़ी या छात्रों की मांगों तक सीमित नहीं रह गया है. यह सरकार और विपक्ष के बीच बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है, जिसकी गूंज संसद से लेकर सड़क तक सुनाई दे रही है. आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और तेज होने के आसार नजर आ रहे है.
-भारत एक्सप्रेस
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