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सनातन संस्कृति से हो रहा खिलवाड़, ऐसा क्यों बोल गए उज्जैन के रविंद्र पुरी महाराज?

AI religious content controversy: अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी महाराज ने एआई के जरिए फैलाए जा रहे भ्रामक धार्मिक कंटेंट और फर्जी कथावाचकों पर कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने बताया कि संदिग्ध गतिविधियों की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति बनाई गई है और महाकुंभ में ऐसे तत्वों पर सख्त कार्रवाई होगी.

AI religious content controversy

AI religious content controversy

AI religious content controversy: अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी महाराज ने सोशल मीडिया पर बढ़ते धार्मिक पाखंड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के कथित दुरुपयोग को लेकर गंभीर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक का गलत इस्तेमाल कर कुछ लोग सनातन धर्म के नाम पर भ्रामक सामग्री फैलाकर लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. परिषद ने ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं.

भगवा पहनकर फैलाया जा रहा है भ्रम

रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि आज कई लोग केवल भगवा वस्त्र धारण कर स्वयं को बड़े कथावाचक के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं, जबकि उन्हें शास्त्रों का समुचित ज्ञान नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोग एआई तकनीक की मदद से अधूरी और भ्रामक धार्मिक जानकारी सोशल मीडिया पर प्रसारित कर रहे हैं. इससे समाज में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है और सनातन परंपराओं की गलत व्याख्या लोगों तक पहुंच रही है.

देवी-देवताओं के एआई एनिमेशन पर जताई आपत्ति

अखाड़ा परिषद अध्यक्ष ने विशेष रूप से देवी-देवताओं के चित्रों और स्वरूपों के साथ बनाए जा रहे एआई आधारित एनिमेशन और वीडियो पर आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि बिना धार्मिक मर्यादा और शास्त्रीय समझ के तैयार की जा रही ऐसी सामग्री करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को प्रभावित कर सकती है. उनके मुताबिक, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कई वीडियो धार्मिक तथ्यों से परे हैं और लोगों को गुमराह कर रहे हैं.

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फर्जी वीडियो बनाने वालों पर होगी कार्रवाई

रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि कुछ तथाकथित कथावाचक अपने कमरों में बैठकर एआई तकनीक के जरिए मनगढ़ंत वीडियो और रीलें तैयार कर रहे हैं. इन माध्यमों से धार्मिक संदेशों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया जा रहा है, जिससे समाज में गलत संदेश फैल रहा है. उन्होंने कहा कि इस प्रवृत्ति पर रोक लगाना समय की आवश्यकता है.

उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन

इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने एक उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया है. यह समिति सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही संदिग्ध धार्मिक सामग्री और फर्जी गतिविधियों की जांच करेगी. रविंद्र पुरी महाराज ने स्पष्ट किया कि आगामी महाकुंभ के दौरान ऐसे तत्वों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और सनातन धर्म एवं परंपराओं के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

भारत एक्सप्रेस



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