Honey Dubey Escape Case
Honey Dubey Escape Case: ग्वालियर-गुना के चर्चित ट्रिपल मर्डर केस का आरोपी और शातिर अपराधी हनी दुबे एक बार फिर पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया. पैरोल जंप करने के बाद ग्वालियर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था, लेकिन जेल दाखिल कराने के दौरान वह बहोड़ापुर थाना परिसर से भाग निकला. हालांकि पुलिस ने करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उसे एक सूने मकान से दोबारा पकड़ लिया.
पैरोल खत्म होने के बाद फरार हो गया था हनी
गुना के रहने वाले हनी दुबे को अपनी मां पूनम दुबे के साथ हत्या के मामले में ग्वालियर सेंट्रल जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा था. इसी महीने दोनों मां-बेटे को 15 दिन की पैरोल मिली थी. पैरोल अवधि पूरी होने के बाद हनी की मां वापस जेल पहुंच गई, लेकिन हनी पैरोल जंप कर फरार हो गया. इसके बाद ग्वालियर सेंट्रल जेल प्रबंधन की शिकायत पर बहोड़ापुर थाने में हनी के खिलाफ पैरोल से फरार होने का मामला दर्ज किया गया. पुलिस को सूचना मिली कि हनी हाथरस में छिपा हुआ है. बहोड़ापुर पुलिस की टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर ग्वालियर लेकर आई.
थाने से 100 मीटर दूर जाकर छिपा था आरोपी
गिरफ्तारी के बाद हनी को बहोड़ापुर थाने की लॉकअप में रखा गया था. गुरुवार सुबह पुलिसकर्मी उसे जेल में दाखिल कराने के लिए ले जा रहे थे. इसी दौरान थाना परिसर में पुलिस वाहन में बैठते समय हनी ने जवानों को चकमा दिया और भाग निकला. अचानक हुई इस घटना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. हनी थाने से करीब 100 मीटर दूर एक डॉक्टर के सूने मकान में जाकर छिप गया. पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पूरे इलाके में सर्चिंग अभियान शुरू किया. करीब चार घंटे की तलाश के बाद पुलिस ने हनी को मकान से दबोच लिया और दोबारा जेल भेजने की कार्रवाई शुरू की.
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ट्रिपल मर्डर समेत कई गंभीर मामलों में आरोपी
हनी दुबे को पुलिस बेहद खतरनाक अपराधी मानती है. वर्ष 2017 में हनी ने अपनी मां पूनम दुबे के साथ मिलकर सिंचाई विभाग के अधिकारी के बेटे हेमंत मीणा का 50 लाख रुपये की फिरौती के लिए अपहरण किया था. लेकिन बाद में हनी ने हेमंत की हत्या कर दी. वारदात के राज छिपाने के लिए उसने अपने साथी लोकेश लोधा और ऋतिक नामदेव की भी हत्या कर दी थी. इस मामले में अदालत ने हनी और उसकी मां को उम्रकैद की सजा सुनाई थी. पुलिस के अनुसार हनी ने किशोरावस्था में हाथरस में अपनी प्रेमिका के पति की हत्या भी की थी. इसके अलावा उसने गुना के एक थाना प्रभारी को जान से मारने की धमकी देने का मामला भी सामने आया था.
लापरवाही पर तीन पुलिसकर्मी निलंबित
हनी के पुलिस कस्टडी से फरार होने के मामले में तीन पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आई है. प्रधान आरक्षक शिशुपाल राठौर, प्रधान आरक्षक अरविंद सिंह और आरक्षक चंद्रशेखर पर आरोप है कि उन्होंने हनी को जेल ले जाते समय न तो हथकड़ी लगाई और न ही पर्याप्त निगरानी रखी. मामले में ग्वालियर एसएसपी धर्मवीर यादव ने तीनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है, ताकि सुरक्षा में हुई चूक की वजह सामने आ सके.
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