प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अगस्त यानी राष्ट्रीय हथकरघा दिवस (National Handloom Day) के अवसर पर अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से एक खास वीडियो संदेश जारी किया है. इस संदेश के माध्यम से पीएम मोदी ने देश के स्वतंत्रता संग्राम और स्वदेशी आंदोलन की ऐतिहासिक नींव को याद दिलाते हुए भारत के पारंपरिक बुनकर समुदाय को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और स्वदेशी अपनाने का आह्वान किया है.
7 अगस्त 1905 की ऐतिहासिक नींव को किया याद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वीडियो संदेश में इतिहास के उस महत्वपूर्ण अध्याय का जिक्र करते हुए कहा, “साथियों, 1905 का 7 अगस्त… हमें भूलना नहीं है. 7 अगस्त 1905 को देश की आजादी के लिए स्वदेशी आंदोलन का प्रारंभ हुआ था और आत्मनिर्भर भारत की नींव डाली गई थी. अंग्रेजों के खिलाफ देशवासियों ने एक बहुत बड़ी लड़ाई लड़ी थी और जन-जन इससे जुड़ गया था.”
‘फ्रेंडशिप डे की तरह ही उमंग से मनाएं हैंडलूम डे’
देश की युवा पीढ़ी से सीधे जुड़ते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जैसे हाल ही में सभी ने पूरे उत्साह के साथ ‘फ्रेंडशिप डे’ मनाया है, ठीक उसी तरह 7 अगस्त को ‘हैंडलूम डे’ भी उसी उमंग और ऊर्जा के साथ मनाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस दिन को मनाने का असली मकसद देश के उन गरीब बुनकर परिवारों का संबल बनना है, जो अपने घरों में करघे (लूम) पर अपने हाथों से सुंदर और पारंपरिक कपड़े तैयार करते हैं.
‘हैंडलूम उत्पाद खरीदें और बनाएं सोशल मीडिया रील’
बुनकर भाइयों-बहनों की आर्थिक स्थिति सुधारने और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को गति देने के लिए पीएम मोदी ने देशवासियों से एक खास डिजिटल अभियान से जुड़ने का आग्रह किया:
खरीदारी करें: हर नागरिक हथकरघा (हैंडलूम) से बना कोई न कोई उत्पाद या कपड़ा जरूर खरीदे.
रील व वीडियो बनाएं: खरीदे गए हैंडलूम उत्पाद के साथ एक छोटा वीडियो या इंस्टाग्राम रील बनाकर उसे सोशल मीडिया पर शेयर करें.
पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि इस डिजिटल पहल के जरिए भारतीय बुनकरों के हुनर, मेहनत और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर की पहचान पूरी दुनिया के सामने मजबूती से पहुंचेगी.
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