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जंतर-मंतर प्रदर्शन मामले में 14 साल की बच्ची को धमकाने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त,कहा- किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा

सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़े मामले में 14 वर्षीय बच्ची और उसके परिवार को कथित धमकियों पर गंभीर चिंता जताई.

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सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से मामले में 14 वर्षीय बच्ची को कथित तौर पर धमकाने को लेकर गंभीर टिप्पणी की है. सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने कहा कि किसी को भी आपराधिक कार्रवाई करने के लिए पीड़ित या उसके परिवार को डराने-धमकाने की इजाजत नही दी जा सकती.

सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि ऐसे मामलों को हल्के में नही लिया जा सकता. अगर किसी बच्चे के खिलाफ हिंसा का मामला हो तो किसी को भी बचाया नहीं जाना चाहिए. अगर ऐसे कामों के आरोपी खुलेआम घूम रहे हो और बच्चे और उसके परिवार को डराने धमकाने की कोशिश की जा रही है, तो यह एक गंभीर मामला होगा.

नाबालिग को न्याय से वंचित करने की कोशिश पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश

कोर्ट ने कहा कि यदि किसी नाबालिग को न्याय पाने से रोकने की कोशिश की गई है तो संबंधित एजेंसियों को तुरंत कार्रवाई करनी होगी. मामले की सुनवाई के दौरान 14 साल की लड़की की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि जंतर मंतर पर सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के दौरान एक व्यक्ति ने वीडियो में दावा किया था कि उसने लड़की के पिता पर हमला किया था. इस व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के बाद लड़की को परेशान किया गया और उसके घर मे तोड़ फोड़ की गई.

इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार किया गया था. धमकी मिलने के बाद लड़की ने अपने लिए सिक्योरिटी की मांग की थी. उन्होंने कहा था कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही है, उन्हें नहीं पता कि उन पर कब और कहां हमला हो जाए. उसके के पिता पर जंतर-मंतर पर सीजेपी प्रोटेस्ट के दौरान स्वतंत्र भारद्वाज ने कथित तौर हम हमला किया था.

दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दर्ज एक पुरानी एफआईआर में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति एक्ट की धाराओं को भी जोड़ा था. इसके साथ ही स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धाराओं में एक नया मुकदमा भी दर्ज किया है.

प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार के घायल होने का दावा

हाल ही में स्वतंत्र भारद्वाज का एक वीडियो वायरल हुआ था. जिसमें उसने दावा किया था कि प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार के सिर पर गंभीर चोट लगी और उन्हें 60 टांके लगे. पार्लियामेंट थाने में शिकायत के बाद सीजेपी कार्यकर्ता निशु आजाद ने कहा कि पिछले कई दिनों से आरोपी के.समर्थक उन्हें गालियां दे रहे थे और रेप की धमकियां दे रहे थे.

निशु ने यह भी कहा कि मैंने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है. मुझे उम्मीद है कि पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी. उन्होंने यह भी कहा कि इन धमकियों की वजह से उनकी जिंदगी पर गहरा असर पड़ा है. जिस तरह से लोग धमकियां दे रहे थे, गालियां दे रहे थे और मेरे अश्लील स्टिकर बना रहे थे, उसकी वजह से घर से बाहर निकलने में शर्म आ रही थी.

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-भारत एक्सप्रेस



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