जैन धर्म के सबसे पवित्र और क्षमावाणी के पावन पर्व संवत्सरी के खास मौके पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने पूरे देश को अपनी शुभकामनाएं भेजी हैं. उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से देशवासियों को बधाई देते हुए आपस में प्रेम, शांति और भाईचारे का संदेश दिया.
अमित शाह ने अपने संदेश में कहा कि यह दिन हमें अपनी गलतियों को स्वीकार करने, दूसरों को क्षमा करने और अपने जीवन में सकारात्मकता अपनाने का अवसर देता है.
भगवान महावीर के विचारों को किया याद
गृह मंत्री अमित शाह ने संवत्सरी के धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व को बताते हुए भगवान महावीर स्वामी जी के सिद्धांतों को याद किया. उन्होंने कहा कि भगवान महावीर ने केवल मानव जाति ही नहीं, बल्कि दुनिया के हर छोटे-बड़े जीव के प्रति दया, करुणा और संवेदना रखने का जो मार्ग हमें दिखाया था, यह पर्व हमें उसी राह पर आगे बढ़ने का संकल्प दिलाता है.
समस्त देशवासियों को संवत्सरी के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ।
भगवान महावीर स्वामी जी ने समूचे जीव जगत के प्रति करुणा और संवेदना का जो मार्ग दिखाया, यह पर्व उसी मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। यह पावन अवसर सभी के जीवन में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आए।
मिच्छामी…
— Amit Shah (@AmitShah) September 15, 2026
शाह ने उम्मीद जताई कि यह पावन अवसर सभी देशवासियों के जीवन में सुख, सुख-शांति, समृद्धि और नई ऊर्जा लेकर आएगा.
‘मिच्छामी दुक्कड़म’ कहकर मांगी क्षमा
संवत्सरी पर्व की सबसे बड़ी विशेषता एक-दूसरे से जाने-अनजाने में हुई भूल-चूक के लिए क्षमा मांगना और दूसरों को दिल से माफ करना है. इस परंपरा को निभाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने अपने संदेश के अंत में जैन धर्म के पारंपरिक शब्द ‘मिच्छामी दुक्कड़म’ कहकर सभी से क्षमा याचना की.
बता दें कि जैन समाज में पर्युषण पर्व के अंतिम दिन संवत्सरी मनाई जाती है. इस दिन लोग मन, वचन और कर्म से किसी को भी पहुंचाए गए कष्ट के लिए क्षमा मांगते हैं और नए सिरे से रिश्तों की शुरुआत करते हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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