आतंकवाद के खिलाफ अपने कड़े रुख को जारी रखते हुए केंद्र सरकार ने एक बहुत बड़ा और सख्त कदम उठाया है. गृह मंत्रालय ने सीमा-पार अवैध गतिविधियों और देश की सुरक्षा को खतरे में डालने वाले ‘शहजाद भट्टी नेटवर्क (एसबीएन)’ को विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम यानी UAPA के तहत एक आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है. इस संबंध में मंत्रालय द्वारा आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है.
अमित शाह का कड़ा संदेश
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस बात की जानकारी साझा करते हुए लिखा, “आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को आगे बढ़ाते हुए गृह मंत्रालय ने ‘शहजाद भट्टी नेटवर्क’ को यूएपीए के तहत एक आतंकवादी संगठन घोषित किया है.” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा को चुनौती देने वाले किसी भी सिंडिकेट को बख्शा नहीं जाएगा.
कैसे काम करता था शहजाद भट्टी नेटवर्क?
गृह मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, यह नेटवर्क राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाया गया है.
सीमा-पार तस्करी: यह समूह हथियारों, विस्फोटकों और नशीले पदार्थों (ड्रग्स) की भारत में सीमा-पार तस्करी करने में सक्रिय रूप से शामिल था.
युवाओं का कट्टरपंथ: नेटवर्क भोले-भाले युवाओं और छोटे-मोटे स्थानीय अपराधियों को प्रलोभन देकर उन्हें आतंकवाद की ओर उकसाता था और देश-विरोधी गतिविधियों के लिए प्रेरित करता था.
डिजिटल नफरत और प्रोपेगेंडा: देश के सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने और लोक व्यवस्था को भंग करने के लिए यह सिंडिकेट विभिन्न डिजिटल माध्यमों से भड़काऊ और नफरत फैलाने वाला कंटेंट प्रसारित करता था.
प्रतिबंधित संगठनों से सांठगांठ: यह अन्य प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के साथ मिलकर भारत के खिलाफ हिंसा और संसाधन जुटाने के षड्यंत्र में शामिल था.
आतंकवादी संगठनों की सूची में 46वां नाम
कानूनी कार्रवाई के तहत, विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1967 की पहली अनुसूची में आतंकवादी संगठनों की सूची दर्ज है. अब तक इस सूची में 45 संगठन शामिल थे, और इस नई कार्रवाई के बाद ‘शहजाद भट्टी नेटवर्क (SBN)’ को 46वें नंबर पर जोड़ दिया गया है. सरकार के इस कड़े कदम से देश विरोधी ताकतों में हड़कंप मच गया है.
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