शहजाद भट्टी नेटवर्क आतंक की लिस्ट में 46वां नाम
Shahzad Bhatti India Enemy Number 46: आतंकवाद और सीमा पार से संचालित होने वाले आपराधिक सिंडिकेट के खिलाफ मोदी सरकार ने एक और बड़ा प्रहार किया है. गृह मंत्रालय ने देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुके ‘शहजाद भट्टी नेटवर्क’ को UAPA 1967 के तहत आधिकारिक रूप से आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने साफ लफ्जों में कड़ा हंटर संदेश देते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत देश विरोधी तत्वों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.
भारत का नया दुश्मन नंबर-46 (Shahzad Bhatti Network Ban)
गृह मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक गजट अधिसूचना के अनुसार, यह कठोर कानूनी कार्रवाई UAPA की धारा 35 की उपधारा (1) के खंड (क) के तहत की गई है. UAPA, 1967 की पहली अनुसूची में अब तक 45 आतंकी संगठनों के नाम दर्ज थे.
इस नई अधिसूचना के बाद ‘शहजाद भट्टी नेटवर्क‘ को भारत के प्रतिबंधित आतंकी संगठनों की सूची में आधिकारिक तौर पर 46वें नंबर पर शामिल कर दिया गया है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह नेटवर्क भारत के भीतर कई आतंकी गतिविधियों में प्रत्यक्ष रूप से लिप्त पाया गया है.
गृह मंत्री अमित शाह का सख्त रुख (Amit Shah On Shahzad Bhatti Network)
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट साझा करते हुए देश की सुरक्षा को चुनौती देने वालों को कड़ा संदेश दिया-
“आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को आगे बढ़ाते हुए गृह मंत्रालय ने ‘शहजाद भट्टी नेटवर्क’ को यूएपीए के तहत एक आतंकवादी संगठन घोषित किया है.”
कैसे काम करता था खतरनाक सिंडिकेट? (Shahzad Bhatti Network Work)
गृह मंत्रालय की जांच और अधिसूचना में शहजाद भट्टी नेटवर्क की कार्यप्रणाली के कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिसके तहत इसके सदस्यों पर विभिन्न राज्यों में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं.
हथियार और ड्रग्स की सीमा-पार तस्करी
यह समूह अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पार से अत्याधुनिक हथियार, भारी विस्फोटक और नशीले पदार्थों (ड्रग्स) की भारत में खेप पहुंचाने का संगठित सिंडिकेट चला रहा था.
युवाओं और स्थानीय अपराधियों का ब्रेनवॉश
यह नेटवर्क आर्थिक तंगी या लालच देकर भोले-भाले युवाओं और स्थानीय छोटे अपराधियों को फंसाता था, उन्हें कट्टरपंथी विचारधारा में धकेलता था और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल करता था.
डिजिटल प्रोपेगेंडा और नफरत का प्रसार (MHA notification on Shahzad Bhatti Network)
देश के भीतर सांप्रदायिक तनाव भड़काने और कानून व्यवस्था को बाधित करने के लिए यह संगठन सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भड़काऊ और जहरीला कंटेंट प्रसारित करता था. यह सिंडिकेट अन्य प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के साथ मिलकर भारत के खिलाफ हिंसक हमलों की साजिश रचने और आर्थिक व साजो-सामान के संसाधन जुटाने का काम कर रहा था.
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