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‘बीमारी फैलने से 32 बच्चों की मौत…’, बालाघाट में हाहाकार के बीच कौन बना बैगा आदिवासियों का मसीहा?

Balaghat disease outbreak: मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बैगा आदिवासी के 32 बच्चों की मौत के बाद हड़कंप मच गया था. इस आपदा की घड़ी में गोंदिया के संयोग हॉस्पिटल ने आगे आकर मुफ्त इलाज कर उन्हें जीवनदान दिया है.

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Balaghat disease outbreak: अभिषेक/बालाघाट: मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले से स्वास्थ्य व्यवस्था को झकझोर देने वाली एक बेहद दर्दनाक और गंभीर खबर सामने आई है. गोंदिया जिले से सटे बालाघाट के बैगा आदिवासी समुदाय के गांवों में खतरनाक बीमारियों के फैलने से हालात बेकाबू हो गए थे. मलेरिया, डायरिया, टाइफाइड और गंभीर स्किन इंफेक्शन की चपेट में आने से 32 बच्चों की मौत की पुष्टि होने के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया.

इस विकट स्थिति में प्रशासन ने धर्मशाला गांव में एक क्वारंटाइन सेंटर बनाकर बच्चों को रखा, लेकिन गंभीर आर्थिक तंगी से जूझ रहे इन आदिवासियों के लिए इलाज कराना असंभव साबित हो रहा था. ऐसे संकट के समय महाराष्ट्र के गोंदिया स्थित संयोग हॉस्पिटल ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए मदद के लिए हाथ बढ़ाया है.

मेडिकल कैंप में 500 से ज़्यादा लोगों की जांच (Balaghat Baiga tribe health crisis)

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संयोग हॉस्पिटल की टीम ने सामाजिक प्रतिबद्धता निभाते हुए बालाघाट के प्रभावित गांवों में विशेष मेडिकल कैंप की शुरुआत की. इस कैंप के माध्यम से गांव-गांव जाकर नागरिकों के स्वास्थ्य की रेगुलर जांच की जा रही है. अब तक 500 से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है, ताकि बीमारी के शुरुआती लक्षणों वाले मरीजों को समय पर सही इलाज मिल सके.

किया गया 32 बच्चों का मुफ्त इलाज (Balaghat news update)

जांच के दौरान जिन बच्चों की हालत गंभीर पाई गई, उन्हें विशेष सुरक्षा के साथ गोंदिया स्थित संयोग हॉस्पिटल लाया गया. यहां इन बच्चों का मुफ्त इलाज, रहने, खाने, कपड़ों और दवाइयों की पूरी व्यवस्था अस्पताल प्रबंधन द्वारा की गई. इतना ही नहीं, बच्चों के साथ आए परिजनों को भी यह तमाम सुविधाएं पूरी तरह मुफ्त मुहैया कराई गईं.

डॉक्टरों की देखरेख में इलाज पूरा होने के बाद जब बच्चों की सेहत में पूरी तरह सुधार आ गया, तो उन्हें सकुशल उनके गांवों वापस भेज दिया गया. अस्पताल की इस मानवीय पहल से पीड़ित परिवारों के चेहरे पर एक बार फिर राहत की उम्मीद लौट आई है.



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