Radhashtami Barsana Routes and Parking Guide
Radhashtami Barsana Routes बरसाना/मथुरा (19 सितंबर): भाद्रपद शुक्ल अष्टमी की पावन बेला पर आज समूची ब्रजभूमि अपनी आराध्या, वृषभानु-दुलारी श्रीराधा रानी के जन्मोत्सव के अलौकिक आनंद में सराबोर है. राधानगरी बरसाना के ब्रह्मांचल पर्वत पर स्थित विख्यात ‘श्री लाडली जी मंदिर’ में तड़के 4 बजे से ही प्रिया जी के प्राकट्य के दर्शन हेतु देश-दुनिया से श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है. भोर में सवा कुंतल पंचामृत से हुए महाभिषेक और बधाई गायन के साथ मंदिर परिसर से लेकर गहवर वन तक गगनभेदी जयकारों—‘राधे-राधे’ और ‘वृषभानु की लाली की जय’ से गुंजायमान हो रहा है.
सतरंगी रोशनी और दिव्य फूलों से सजे महल में जगमोहन से लेकर गर्भ-गृह तक पैर रखने की जगह नहीं है. भारी भीड़ को देखते हुए जिला व पुलिस प्रशासन ने कड़े सुरक्षा घेरे में ‘वन-वे व्यवस्था’ लागू की है, जिसमें मुख्य सीढ़ियों से प्रवेश और नवनिर्मित रैंप मार्ग से सुरक्षित निकास कराया जा रहा है.
बरसाना कैसे पहुंचें: मार्ग, वाहन और ट्रैफिक गाइड
यदि आप भी आज लाडली जी के प्राकट्य दर्शन के लिए बरसाना आने की योजना बना रहे हैं, तो यात्रा शुरू करने से पहले यहां की यातायात और मार्ग व्यवस्था जान लें:
दिल्ली-एनसीआर, फरीदाबाद व हरियाणा की ओर से:
दिल्ली-नोएडा , फरीदाबाद, बल्लभगढ़, पलवल या होडल की दिशा से आ रहे श्रद्धालुओं के लिए बरसाना का सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन और प्रमुख कस्बा कोसीकलां है. दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग NH-19 (पुराना NH-2) सीधे कोसीकलां से होकर गुजरता है. कोसीकलां से बरसाना की दूरी लगभग 14 किलोमीटर है. यहाँ से चौड़ी व सुगम सड़क बरसाना को जोड़ती है, जहां सामान्य दिनों में बसें, ऑटो, टैक्सी, कारें व ई-रिक्शा लगातार चलते हैं.
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यदि आप मथुरा-वृंदावन की साइड से बरसाना आने वाले हैं तो 3 रूट हैं. मथुरा से गोवर्धन होते हुए बरसाना के लिए सीधी बसें चलती हैं. दूसरा- मथुरा से दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग NH-19 पर कोसी होते हुए भी बरसाना जा सकते हैं. तीसरा- NH-19 पर ही छाता टाउन भी पड़ता है, वहां से बरसाना के लिए अच्छी सड़क है, छाता में रेलवे स्टेशन भी है.
निजी व बड़े वाहनों पर रोक, 1 से 3 किमी पहले पार्किंग:
राधाष्टमी के विशाल मेले को देखते हुए कस्बे के अंदर निजी चौपहिया वाहनों, कारों और टूरिस्ट बसों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है. दिल्ली-कोसी, छाता, गोवर्धन और नंदगांव से आने वाले सभी बड़े व निजी वाहनों को बरसाना सीमा से 1 से 3 किलोमीटर पहले ही अस्थाई पार्किंग स्थलों पर रोका जा रहा है. पार्किंग स्थलों से मंदिर की तलहटी तक जाने के लिए बुजुर्गों व असहाय श्रद्धालुओं हेतु प्रशासन द्वारा ई-रिक्शा व शटल सेवा की व्यवस्था की गई है, जबकि अधिकांश श्रद्धालु संकीर्तन करते हुए पैदल ही लाडली जी के द्वार पहुंच रहे हैं.
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