दिल्ली हाई कोर्ट
UAPA Case: हत्या और यूएपीए के मामले में आरोपी जगतार सिंह जोहल को दिल्ली हाई कोर्ट से राहत मिल गई है. कोर्ट ने जोहल को कुछ शर्तों के साथ जमानत दे दिया है. जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की बेंच ने जोहल की ओर से दायर जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया है.
मामला सिलसिलेवार लक्षित हत्याओं से जुड़ा
यह मामला पंजाब के लुधियाना और जालंधर जिलों में 2016-17 के दौरान हुए सिलसिलेवार लक्षित हत्याओं से जुड़ा है. मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी कर रही है. एनआईए का आरोप था कि इन घटनाओं का उद्देश्य पंजाब में कानून -व्यवस्था की स्थिति को बिगाड़ना था. जांच एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया था कि आरोपी खालिस्तान लिबरेशन फोर्स की साजिश का हिस्सा थे और जोहल भी इस संगठन का सदस्य है. इससे पहले ब2024 में हाई कोर्ट की एक समन्वय पीठ ने जोहल की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था.
एनआईए जोहल के खिलाफ आठ मामलों की जांच कर रही
जोहल पर कई हत्याओं में शामिल होने का आरोप है. साथ ही खालिस्तान लिबरेशन फोर्स को फंडिंग करने का भी आरोप है. जगतार सिंह जोहल के परिवार का कहना है कि वह एक ऑनलाइन एक्टिविस्ट थे. वह एक मैगजीन के लिए काम करते थे और एक वेबसाइट के लिए डेटा जुटाते थे. जिसमें भारत में सिखों पर कथित अत्याचार का मुद्दा उठाया जाता था. स्कॉटलैंड के डंबटर्न के रहने वाले और ब्रिटिश नागरिक जगतार सिंह जोहल को लेकर भारतीय एजेंसियों का कहना है कि उसने खालिस्तानियों को फंडिंग कराने में मदद की थी. ब्रिटिश प्रधानमंत्री दो बार जगतार सिंह जोहल की रिहाई के मुद्दा उठा चुके है. लेकिन भारत ने कोई जवाब नहीं दिया था.
पंजाब पुलिस ने जगतार सिंह जोहल को 4 नवंबर 2017 को जालंधर से गिरफ्तार किया था. उसपर आरएसएस नेता ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) जगदीप गगनेजा समेत कई नेताओं की टारगेट किलिंग में शामिल होने का आरोप है. जगतार सिंह जोहल फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद है और उसके खिलाफ किसी भी आरोप में मुकदमा नहीं चल है. एनआईए जोहल के खिलाफ आठ मामलों की जांच कर रही है.
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-भारत एक्सप्रेस
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