Bharat Express DD Free Dish

हाई कोर्ट्स में बड़ा बदलाव! 14 न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति को राष्ट्रपति की मंजूरी

High Court Judges Appointment: चार हाई कोर्ट्स में 14 न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति को राष्ट्रपति ने मंजूरी दी है. दिल्ली, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड और कर्नाटक हाई कोर्ट में नई नियुक्तियां हुई हैं.

High Court Judges Appointment

चार हाई कोर्ट्स में 14 न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति को राष्ट्रपति ने मंजूरी दी.

Edited by Sahil Singh

High Court Judges Appointment: देश के चार हाई कोर्ट्स को नए न्यायाधीश मिले हैं. केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश पर 14 न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी के बाद कानून मंत्रालय ने नियुक्तियों से जुड़ा आदेश जारी किया. कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी साझा की.

दिल्ली हाई कोर्ट में 7 नियुक्तियां

सबसे ज्यादा सात नियुक्तियां दिल्ली हाई कोर्ट में हुई हैं. इनमें निवेदिता अनिल शर्मा और निशा सहाय सक्सेना को स्थायी न्यायाधीश बनाया गया है. वहीं संजय शर्मा, भारत पराशर, अदिति चौधरी, दिनेश भट्ट और अरुण भारद्वाज को अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया है. अरुण भारद्वाज इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट में रजिस्ट्रार जनरल के पद पर काम कर रहे थे.

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 10 सितंबर 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट के लिए आठ न्यायिक अधिकारियों के नामों की सिफारिश की थी. नियुक्तियों के बाद भी हाई कोर्ट में न्यायाधीशों के कुछ पद खाली रहेंगे.

जम्मू-कश्मीर और झारखंड में भी नियुक्तियां

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट में न्यायिक अधिकारी यश पॉल बोर्नी को न्यायाधीश नियुक्त किया गया है. झारखंड हाई कोर्ट को तीन नए न्यायाधीश मिले हैं. मनोज प्रसाद, अखिल कुमार और राम शर्मा की नियुक्ति को मंजूरी दी गई है. हाई कोर्ट की स्वीकृत क्षमता 25 जजों की है. इन नियुक्तियों के बाद भी कुछ पद रिक्त रहेंगे.


ये भी पढ़ें: ‘समझौते पर स्वीकार नहीं अंतरिम फैसला’ – चुनाव आयोग के कदम पर ममता का तीखा हमला


कर्नाटक हाई कोर्ट में 3 नए अतिरिक्त जज

कर्नाटक हाई कोर्ट में उषा रानी, केएस भरत कुमार और नेराले वीरभद्ररैया भवानी को अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया है. यहां कुल 62 स्वीकृत पद हैं और नियुक्तियों के बाद कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या 57 हो जाएगी. यानी पांच पद अभी भी खाली रहेंगे. इन नियुक्तियों से चारों हाई कोर्ट्स में न्यायिक कामकाज को मजबूती मिलने की उम्मीद है और लंबित मामलों की सुनवाई के लिए अतिरिक्त न्यायिक क्षमता उपलब्ध होगी.

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read