Bharat Express DD Free Dish

2011 का मुरादाबाद कांड याद दिलाकर भड़के BJP सांसद बृज लाल, बोले- अखिलेश सरकार ने बचाए थे दंगाई

पूर्व पुलिस महानिदेशक और बीजेपी सांसद बृज लाल ने समाजवादी पार्टी पर करारा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि चुनाव आते ही सपा नेताओं की गुंडागर्दी बढ़ जाती है.

Former UP DGP Brij Lal Slams SP Allegies Crime Rises Near Elections

उत्तर प्रदेश में चुनावी आहट के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) और मौजूदा बीजेपी राज्यसभा सांसद बृज लाल ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में जैसे ही चुनाव नजदीक आते हैं, सपा नेताओं का आक्रामक और उपद्रवी रवैया अचानक बढ़ जाता है.

हालिया घटनाओं का दिया हवाला

सपा पर निशाना साधते हुए बृज लाल ने हाल की कुछ घटनाओं का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि गणेश चतुर्थी के दौरान संत कबीरनगर से सपा सांसद ने सड़क पर गाड़ी फंसाकर निषाद समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई. वहीं, रायबरेली में एक सपा नेता पुलिस अधिकारियों के साथ बदसलूकी करते नजर आए. जब पुलिस ने संयम से काम लिया, तो सपाई खुद ही पीड़ित बनकर धरने पर बैठ गए.

2011 का मुरादाबाद कांड याद दिलाया

बृज लाल ने 2012 के चुनाव से ठीक पहले जुलाई 2011 में हुई मुरादाबाद की खौफनाक हिंसा की याद ताजा कराई. उन्होंने बताया कि मैनाठेर में पुलिस की कार्रवाई से भड़के उपद्रवियों ने थाने और गाड़ियों में आग लगा दी थी. तत्कालीन DIG अशोक कुमार सिंह और उनके पीआरओ पर जानलेवा हमला किया गया था. दोनों को इतनी बेरहमी से पीटा गया था कि भीड़ उन्हें मरा समझकर छोड़ गई थी.

अखिलेश सरकार पर मुकदमे वापस लेने का आरोप

बीजेपी सांसद ने आरोप लगाया कि 2012 में सत्ता में आते ही अखिलेश यादव की सरकार ने अधिकारियों पर हुए इस जानलेवा हमले के मुकदमे को वापस लेने का काम किया. इतना ही नहीं, संकट के वक्त अफसरों को छोड़कर भागने वाले पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों को अखिलेश सरकार ने दोबारा बहाल कर मनचाही पोस्टिंग से नवाजा.

‘न्याय मिला क्योंकि सपा सत्ता से बाहर हुई’

उन्होंने आगे बताया कि मुरादाबाद की सत्र अदालत ने अखिलेश सरकार के मुकदमा वापसी के फैसले को खारिज कर दिया था. इसके बाद बीजेपी शासनकाल में निष्पक्ष ट्रायल चला और साल 2025 में कोर्ट ने 16 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई. बृज लाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 2017 में सपा फिर सत्ता में आ जाती, तो पीड़ित अधिकारियों को कभी न्याय नहीं मिल पाता. अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी के दौर को याद रखते हुए जनता को अब सतर्क रहने की जरूरत है.

यह भी पढ़ें: ‘सनातन परंपरा को अपमानित करने का रचा जा रहा षड्यंत्र…’ हामिद अंसारी के बयान पर भड़के सीएम योगी

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read