सोनिया गांधी पर बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने लगाया 'लोकतंत्र की चोरी' का आरोप (इमेज-Bharat Express)
Sonia Gandhi Voter List Controversy: सोनिया गांधी के वोटर लिस्ट में नाम जुड़ने के मामले में अब राजनीति तेज हो गई है. कल 21 सितंबर को इस मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने रिवीजन पिटीशन मंजूर कर ली थी. अब बीजेपी ने सोनिया गांधी पर लोकतंत्र की चोरी करने का आरोप लगाया है.
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राष्ट्रीय मीडिया सह संयोजक प्रदीप भंडारी ने कहा कि जब साल 1980 में सोनिया गांधी भारत की नागरिक नहीं थीं, तो फिर किस आधार पर उन्हें वोट देने की अनुमति दी गई थी.
सोनिया गांधी के वोट पर सवाल
प्रदीप भंडारी ने कहा,
भारत का संविधान कहता है कि वोट देने के लिए व्यक्ति का भारत का नागरिक होना ज़रूरी है. 1980 में सोनिया गांधी भारत की नागरिक नहीं थीं. 1980 में कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी जिसमें पूछा गया था कि किस आधार पर सोनिया गांधी को वोट देने की अनुमति दी गई, जबकि वह भारत की नागरिक नहीं थीं. क्या उन्होंने दस्तावेज़ों में धोखाधड़ी करने की कोशिश की?
उन्होंने आगे कहा, “कल दिल्ली की एक अदालत ने मजिस्ट्रेट कोर्ट को यह जांचने का आदेश दिया कि क्या कोई संज्ञेय अपराध (cognizable offence) हुआ था. जो लोग ‘वोट चोरी’ की बात कर रहे हैं, वे असल में लोकतंत्र की चोरी कर रहे हैं. अगर आप कोर्ट की टिप्पणी देखें, तो उसमें कहा गया है कि जिस मजिस्ट्रेट कोर्ट ने मामले को खारिज किया था, उसने मामले पर ठीक से विचार नहीं किया और संज्ञेय अपराध का खुलासा करने का अपना मुख्य काम नहीं किया. कोर्ट का भी मानना है कि इसकी जांच होनी चाहिए.”
1991 की फोटो पर भी सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बीजेपी प्रवक्ता ने साल 1991 में सोनिया गांधी के वोट डालने के दौरान खींची गई तस्वीरों पर सवाल उठाये. उन्होंने कहा कि चोरी करने की कांग्रेस की प्रवृति नई नहीं है. 1991 में जब सोनिया गांधी वोट डालने गई थीं, उस समय बूथ के अंदर जाकर तस्वीरें खींची गई.
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प्रदीप भंडारी ने कहा कि कानून यह कहता है कि वोटिंग किसी भी व्यक्ति का व्यक्तिगत और निजी मामला है. इस दौरान फोटो नहीं खींची जा सकती है. लेकिन इन लोगों ने फोटो खींचकर कानून का उल्लंघन किया.
-भारत एक्सप्रेस
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