प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ ‘चिंतन शिविर’ आयोजित किया. इस दौरान सरकार के कामकाज, प्रशासनिक व्यवस्था और शासन को ज्यादा प्रभावी बनाने के तरीकों पर चर्चा हुई. इसी संदर्भ में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ‘मोदी स्टोरी’ अकाउंट ने प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में प्रशासन से जुड़े कई प्रयोगों का जिक्र किया.
‘मोदी स्टोरी’ ने अपनी पोस्ट में कहा कि पिछले कुछ वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी ने सरकारी कामकाज के पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर कई नए प्रयोगों पर जोर दिया है. इन पहलों का मकसद प्रशासन को ज्यादा व्यावहारिक बनाने के साथ-साथ अधिकारियों के अनुभव और जमीनी स्तर की जरूरतों को सरकारी व्यवस्था से जोड़ना रहा है.
रिटायर होने वाले अधिकारियों के अनुभव को सहेजने की पहल
इन प्रयोगों में ‘अनुभव’ पहल का भी उल्लेख किया गया. इसके तहत सेवानिवृत्त होने वाले वरिष्ठ अधिकारी अपने लंबे प्रशासनिक करियर के दौरान हासिल अनुभव, सीख और महत्वपूर्ण जानकारियों को दस्तावेज के रूप में दर्ज करते हैं. इसका उद्देश्य यह है कि उनके बाद आने वाले अधिकारी उन अनुभवों से सीख ले सकें और प्रशासनिक कामकाज में उसका इस्तेमाल कर सकें.
Heard PM Modi is holding a Chintan Shivir with his Cabinet colleagues today?
Over the years, PM Modi has completely flipped the way the government works, often treating governance like an innovation lab.
Like asking retiring bureaucrats to write down their experiences before… pic.twitter.com/mxISWmWYkS
— Modi Story (@themodistory) September 23, 2026
‘स्वतः सुखाय’ पहल भी इस सूची में शामिल है. इसके तहत अधिकारी अपने नियमित विभागीय काम से अलग किसी ऐसे प्रोजेक्ट पर स्वेच्छा से काम कर सकते हैं, जिसका संबंध सार्वजनिक हित से हो. इस पहल के पीछे विचार यह है कि अधिकारियों को अपने रोजमर्रा के दायित्वों से अलग समाज के लिए कुछ करने का अवसर मिले.
पहली पोस्टिंग वाली जगह पर लौटने का मौका
‘बैक टू द फर्स्ट पोस्टिंग’ पहल के तहत वरिष्ठ अधिकारियों को अपने प्रशासनिक करियर की पहली तैनाती वाले जिले या तालुका में कई साल बाद दोबारा जाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है. वहां जाकर अधिकारी यह देखने की कोशिश करते हैं कि उनके शुरुआती कार्यकाल के बाद उस क्षेत्र में कितना बदलाव आया और विकास की तस्वीर किस तरह बदली है.
नए IAS अधिकारियों को केंद्र में काम का अनुभव
‘असिस्टेंट सेक्रेटरी प्रोग्राम’ के तहत नए नियुक्त आईएएस अधिकारियों को उनकी पहली फील्ड पोस्टिंग से पहले केंद्र सरकार के मंत्रालयों में करीब तीन महीने काम करने का अवसर दिया जाता है. इसका उद्देश्य युवा अधिकारियों को केंद्र सरकार के मंत्रालयों की कार्यप्रणाली, नीतियां बनाने की प्रक्रिया और प्रशासनिक व्यवस्था को करीब से समझने का अनुभव देना है.
‘वन सेक्रेटरी, वन तालुका’ पहल के तहत वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को पिछड़े तालुकों की जिम्मेदारी दी जाती है. इससे अधिकारियों को जमीनी स्तर की समस्याओं और विकास की वास्तविक स्थिति को समझने का अवसर मिलता है. साथ ही, संबंधित क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की निगरानी पर भी ध्यान दिया जाता है.
ये भी पढ़ें: मंत्रियों के लिए पीएम मोदी का चार दिवसीय चिंतन शिविर, चार अहम मुद्दों पर होगा मंथन
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.
